वाराणसी-दोस्तों इन मोहतरमा का नाम है “रीना बेगम” और इसके शौहर का नाम है “राशिदअली” ये औरत बाग्लादेशी है,, तथा inlegal तरीके से भारत को अपने ससुर का घर समझकर रह रही थी,,,और भारत मे इन मोहतरमा का घर बसाने मे सहयोग किया इनके ईमान के बड़े ही पक्के और शांति दूत शौहर “राशिद” ने फिलहाल दोनो पुलिस कस्टडी मे हैं,,,,,,लेकिन मेरा सवाल ये नही हैं,,,,,मेरा सवाल ये है की आप जरा फोटो पर ध्यान दो और फोटो से ज्यादा इस जेहादन के कपडों पर जिसमे पहली फोटो हिन्दुस्तान की है जहां इस औरत को इस्लाम याद आ गया और पुलिस के पास बुर्का पहन कर बैठी है वो भी काफिरो के देश में,,,,,और वही दूसरी फोटो बाग्लादेश की हैं जहां इसने ना बुर्का पहना है, ना हिजाब पहना है,, और ना ही चुन्नी ओढ़ रखी है,,,,, तो मेरा कहने का मतलब ये है,,, की इस्लामिक मुल्कों में जहां की पहचान ही बुर्का हिजाब और दुपट्टे से होती है लेकिन वहां की फोटो मे इस जिहादन ने ऐसा कोई भी लिबास नही पहना हुआ है,,,,,लेकिन हिन्दुस्तान या यूरोप जैसे देॆशों में आते ही इनको पता नही कौन सा सुलेमानी कीड़ा काटने लग जाता हैं कि ये अचानक ही बुर्के पहने नज़र आने लगती है,,,,
जबकि इस्लामिक मुल्को में ये केवल चड्ढी पहनकर मे घूमना चाहती है,,,,, इस्लामिक मुल्कों में इनका नंगा घूमना और गैर इस्लामिक मुल्कों में शरिया कानून की दुहाई देकर हिजाब बुर्का हलाला के पक्ष नाच कूद करना,,,,किस तरफ की ओर संकेत करताहै,,,,,,आप खुद बुद्धिजीवी है इसलिए आप स्वयं विचार करे,,,,,