वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी — उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की अध्यक्षता में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि करने व लखपति दीदी के सपने को साकार करने हेतु रविवार को तीन नवीन कार्यक्रमों की शुरुआत की गई। पहला ग्राम पंचायत स्तर पर नवनिर्मित बारात घर का संचालन, दूसरा जीएमआर वर लक्ष्मी ग्रुप व उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मध्य पिंक ऑटो संचालन हेतु अनुबंध,और तीसरा डेवलपमेंट अल्टरनेटिव व यूपीएस आरएलएम के मध्य अनुबंध का कार्य शामिल रहा। प्रथम कार्यक्रम के तहत ग्राम संगठनों (स्वयं सहायता समूह का फेडरेशन) व 3 ग्राम पंचायतों (रघुनाथपुर व बेसहूपुर विकासखंड सेवापुरी,सीवों विकासखंड चिरईगांव) के मध्य अनुबंध हस्ताक्षरित करवाया गया। इस अनुबंध का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता को अपने ग्राम पंचायत में ही मांगलिक व अन्य कार्यक्रमों हेतु न्यूनतम दर पर स्थान व कैटरिंग सेवा का उपलब्ध कराना जिससे ना केवल ग्रामीणों को लाभ हो बल्कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं के स्थानीय स्तर पर रोजगार का साधन भी उपलब्ध हो सके। वर्तमान में कुल 60 बारात घर के संचालन हेतु कार्यवाही की जा रही है। इस संबंध में उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद के अन्य ग्राम पंचायत में भी सर्वे के माध्यम से बारात घर के निर्माण हेतु निर्देशित किया गया।दूसरे अनुबंध के तहत जीएमआर वर लक्ष्मी ग्रुप व यूपीएसआरएलएम के मध्य वाराणसी में 160 पिंक ऑटो संचालक को लेकर अनुबंध किया गया जिसके तहत मुख्यमंत्री उद्यमिता रोजगार योजना के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पिंक ऑटो उपलब्ध कराना, उनका प्रशिक्षण, उनका ड्राइविंग लाइसेंस सम्मिलित हैं।।जीएमआर वर लक्ष्मी द्वारा अपने सीएसआर मद से प्रति ऑटो पर 35000/ का योगदान दिया जाएगा। उक्त विषय पर उप मुख्यमंत्री जी द्वारा निर्देश दिया गया की क्रय किए जा रहे ई-ऑटो का बाजार मूल्य से तुलना करने के उपरांत सस्ते दर पर महिलाओं को ऑटो उपलब्ध कराया जाए। तीसरे अनुबंध के तहत यूपीएसआरएलएम तथा डी ए के आपसी सहयोग से इन महिलाओं को एक सप्ताह का व्यवस्थित ड्राइविंग प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अंतर्गत ढाई लाख रुपए के ऋण की सुविधा उपलब्ध कराकर ई-रिक्शा प्रदान कराया गया है। आज महिलाएं प्रतिमाह लगभग 15 से 20 हजार रुपए आय अर्जित कर रही हैं। वर्तमान में 30 महिलाओं को ई- रिक्शा प्रदान कराया गया है। साथ ही 108 महिलाओं को ई रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिलाया गया है। इस प्रकार जनपद में 250 महिलाओं को ई-रिक्शा संचालन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। रविवार को लाभान्वित होने वाली महिलाओं में आराजी लाइन से पार्वती देवी, सेवापुरी से पूजा देवी, काशी विद्यापीठ से माला देवी, चोलापुर से पूनम देवी, काशी विद्यापीठ से संगीता देवी के नाम शामिल हैं। मुनारी की पूनम द्वारा बताया गया कि इस ई- रिक्शा से वह प्रतिदिन लगभग 1800/ तक की आय अर्जित करती है। उपरोक्त के अलावा मुख्यमंत्री द्वारा निर्देश दिया गया कि जनपद के जिला प्रशिक्षण संस्थान, रेलवे स्टेशन व अन्य संस्थानों पर स्वयं सहायता समूह की दीदियों का कैंटीन खुलवाया जाए। जिससे पूरे प्रदेश में एक करोड़ महिलाओं को लखपति बनाया जा सके।