रिपोर्ट : गुफरान अहमद
मिर्जापुर- कथित शराब घोटाला मामले में न्यायालय द्वारा दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष शिसोदिया को साक्ष्यों के अभाव में बर किया गया। न्यायालय के आए फैसले से मिर्जापुर के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया।
निर्णय की जानकारी मिलते ही कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र हुए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। इस दौरान समर्थकों ने इसे सत्य और ईमानदारी की जीत बताया।
सुनील श्रीवास्तव ने कहा कि यह अरविंद केजरीवाल की ईमानदारी और संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लगाए जा रहे आरोप अंततः न्यायालय में टिक नहीं सके। रमाशंकर साहू ने कहा कि न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि कथित आरोपों के समर्थन में कोई सक्षम साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। केवल जुबानी आरोप लगाने या बार-बार झूठ बोलने से वह सत्य सिद्ध नहीं हो सकता।
कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने न्यायपालिका के प्रति आस्था जताते हुए कहा कि उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा विश्वास था और है।