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कब्जे से भारी मात्रा में मोबाइल,एटीएम, सिम कार्ड,बैंक एकाउंट, लैपटाप,पीले धातु तथा 4,88,920/नगदी किया बरामद 

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वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

वाराणसी –जनपद में साइबर अपराध, धोखाधड़ी आदि की घटनाओं पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे प्रदेश व्यापी अभियान के दौरान पुलिस उपायुक्त अपराध सरवणन टी. व अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान के निर्देशन में तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर विदूष सक्सेना के नेतृत्व में साइबर प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा की टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर बुधवार को गांधी नगर कालोनी लंका से गिरोह के सरगना सहित नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के कब्जे से 20 मोबाइल, 07 सिम कार्ड, 30 एटीएम कार्ड, 06 आधार कार्ड, वोटर आईडी 03, चेक बुक 09, पासबुक एक, पैन कार्ड 04, ड्राइविंग लाइसेंस 03, आयुष्मान कार्ड एक, विभिन्न कम्पनियों की 09 घड़ियां, लैपटॉप 03, महिंद्रा थार कार दो, पीली धातु 24 ग्राम, तथा 4,88,920/ नगदी बरामद किया गया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का नाम सोमिल मोदनवाल पुत्र अनिल मोदनवाल, दूसरे का अभय मौर्य पुत्र मनोज मौर्य, तुहरे का अमित सिंह पुत्र अनिल सिंह, चौथे का कृष्णा विश्वकर्मा पुत्र सन्तोष विश्वकर्मा,पांचवें का अभिषेक तिवारी पुत्र राम प्रकाश तिवारी,छठवें का शिवा वैश्य पुत्र वीरेंद्र वैश्य, सातवें का अमन मौर्य पुत्र राघवेंद्र मौर्य, आठवें का विजय कुमार उर्फ विक्की पुत्र विष्णु कुमार, नव का नाम सुजल चौरसिया पुत्र पंकज चौरसिया बताया गया। यह सभी अभियुक्त जौनपुर के निवासी बताए गए। गिरोह के सरगना सहित नवो अभियुक्तों को बुधवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त साइबर क्राइम नीतू कादयान ने बताया कि घटना में लिप्त साइबर अपराधियों के द्वारा सर्वप्रथम वेल इस्टैब्लिस्ड कंपनियों के नाम का प्रयोग कर मेटा, गूगल आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐड लगाया जाता है। इसके माध्यम से यह लोग आम जन मानस का डाटा प्राप्त कर लेते हैं। फिर इन्हीं डाटा का प्रयोग कर लोगों को कॉलिंग कर विभिन्न प्रकार का ऑफर देते हुए अपने आप को ट्रेडिंग एक्सपर्ट बताते हुए आम लोगों को अपने झांसे में फंसा लेते हैं, तथा उनका डिमैट अकाउंट का लॉगिन आईडी और पासवर्ड प्राप्त कर लेते हैं, तथा ब्रोकरेज का लाभ लेने के उद्देश्य से ढेर सारा ट्रांजैक्शन किया जाता है, तथा लोगों की व्यापार में हानि करा दी जाती है। इसके अतिरिक्त जब लोगों के डिमैट अकाउंट की हैंडलिंग इन साइबर अपराधियों के पास चला जाता है तो उसमे मौजूद पैसों को यह लोग फर्जी म्यूल बैंक खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया करते थे।एडीसीपी नीतू कादयान द्वारा यह भी बताया गया कि यह गिरोह सिर्फ बड़े शहरों के लोगों को ही टारगेट करते थे।अभी और भी जानकारी हासिल करने के टीम लगायी गयी है।सुराग मिलने पर उनकी भी गिरफ्तारी की जायेगी।गिरफ्तार अभियुक्तों को भा0द0वि0 की‌ धारा 318(2),318(4), 61(2), 317(2) बीएनएस व 66 सी,66 सी आईटी एक्ट के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। इस साइबर ठगी का सराहनीय पर्दाफाश करने वाली साइबर पुलिस टीम को पुलिस उपायुक्त वरूणापार जोन प्रमोद कुमार द्वारा उत्साहवर्धन के लिए 25,000/बतौर पुरस्कार देने की घोषणा किया गया।सभी साइबर ठगों को गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक गोपाल जी कुशवाहा,निरीक्षक राकेश गौतम, उ0नि0 राकेश भदौरिया, उ0नि0 विवेक सिंह, उ0नि0 शैलेन्द्र कुमार,स0उ0नि0 गौरव तोमर, हे0का0 गोपाल चौहान, हे0का0 रजनीकान्त, हे0का0 गौतम कुमार, हे0का0 दिवाकर वत्स,का0 चन्द्रशेखर यादव, देवेंद्र यादव, अनिल कुमार यादव, अनिल कुमार मौर्य, जितेंद्र मौर्य, अंकित प्रजापति, मनीष सिंह, जावेद अख्तर, त्रिलोकी कुमार आदि शामिल रहे।

 नवो अभियुक्तों को मीडिया के सामने पेश करती एडीसीपी नीतू

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