जमानियां सलीम मंसूरी की रिपोर्ट। कर्मनाशा नदी के बढ़ते जलस्तर में वृद्धि होने के कारण आसपास के इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। जिससे केसरुवा (कशेरुआ) गांव की सड़कें जलमग्न हो गई हैं। जिसके चलते आवागमन बाधित हो गया है। बताया जाता है। कि बाढ़ प्रभावित मार्ग केसरुवा के अलावा जबुरना-तियरी और जबुरना-सिहानी मार्ग पर भी पानी फैल गया है। फसलों का नुकसान भी हो रहा है बाढ़ और जलभराव के कारण लगभग 200 एकड़ धान की फसल डूब गई है। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। लगातार बारिश और बांधों से छोड़े जा रहे पानी के कारण कर्मनाशा और अन्य नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। उक्त मौके पर तहसीलदार राम नारायण वर्मा क्षेत्रीय लेखपाल संग दौरा कर जाना हाल। इस दौरान उन्होंने बताया कि कर्मनाशा नदी के जलस्तर में वृद्धि के कारण केसरुवा (कशेरुआ) गांव की सड़क जलमग्न हो गई हैं। और आवागमन बाधित हो गया है। नदी का पानी केसरुवा गांव के अलावा जबुरना-तियरी और जबुरना-सिहानी मार्ग पर भी फैल गया है।
फसलों का नुकसान होने की संभावनाएं बन चुकी है। इस जलभराव से लगभग 200 एकड़ धान की फसल डूब गई है। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान की आशंका है। राम नारायण वर्मा ने बताया कि मूसाखाड़ और लतीफशाह बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण कर्मनाशा नदी उफान पर है। जिससे बिहार और यूपी के कई अन्य तटवर्ती इलाकों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वर्मा ने कहा कि राहत शिविरों, प्रशासनिक मदद के लिए लगातार कार्य किए जा रहे है।