संजना वर्मा की रिपोर्ट वाराणसी
वाराणसी: धर्म और अध्यात्म की नगरी काशी एक बार फिर वैश्विक संवाद और कला का केंद्र बनने जा रही है। आगामी 30 जनवरी से 1 फरवरी 2026 तक वाराणसी के होटल ताज में ‘बनारस लिट फेस्ट: काशी साहित्य-कला उत्सव’ के चौथे संस्करण का भव्य आयोजन किया जा रहा है। प्रमुख आकर्षण और दिग्गज हस्तियां
इस तीन दिवसीय उत्सव में देश-विदेश के 250 से अधिक साहित्यकार, कलाकार और विचारक जुटेंगे। इस बार मंच साझा करने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं:कला और सिनेमा: पीयूष मिश्रा (बल्लि मारान बैंड के साथ), अनुपम खेर।साहित्य: अशोक वाजपेयी, दामोदर मौजो, ममता कालिया, अरुण कमल, बद्री नारायण।संगीत और खेल: पद्मश्री मालिनी अवस्थी, पुलेला गोपीचंद (बैडमिंटन कोच), ओलंपियन ललित उपाध्याय।पत्रकारिता और विमर्श: अभिज्ञान प्रकाश, राधिका अयंगर।क्या होगा खास? (Key Highlights)आयोजन समिति के अध्यक्ष दीपक मधोक और सचिव बृजेश सिंह ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह केवल किताबों का उत्सव नहीं, बल्कि काशी की लोकतांत्रिक आत्मा का संवाद है।विविध सत्र: AI (कृत्रिम बुद्धिमत्ता), प्रिंटेड किताबों का भविष्य, भारतीय राजनीति, खेल और स्वास्थ्य जैसे विषयों पर गहन चर्चा होगी।कला प्रदर्शनी: ‘BLF इंटरनेशनल आर्ट कैंप’ में ख्यात चित्रकारों की कृतियां देखने को मिलेंगी।सांस्कृतिक शाम: शास्त्रीय संगीत, फ्यूजन बैंड और पीयूष मिश्रा के प्रसिद्ध प्रोजेक्ट ‘बल्लि मारान’ की विशेष प्रस्तुति होगी।युवाओं के लिए मंच: नए लेखकों और स्टार्टअप आइडियाज को प्रमोट करने के लिए विशेष सत्र रखे गए हैं।“काशी की ज्ञान परंपरा हमेशा से संवाद और सहिष्णुता की रही है। बनारस लिट फेस्ट उसी विरासत को वैश्विक मंच पर पुनर्स्थापित करने का एक प्रयास है।बृजेश सिंह, सचिव (आयोजन समिति)