साक्षी सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी। ललित कला विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में शनिवार को रेजिन आर्ट वर्कशॉप का शुभारंभ हुआ। आयोजन में प्रतिभागियों को एपॉक्सी रेजिन तकनीकों से परिचित कराया गया, जो कलात्मक अभिव्यक्ति को व्यावहारिक शिल्पकला से जोड़ती है। विशेषज्ञ शिल्पकार पूजा सेठ ने जीवंत रंगों को मिलाकर नीले पक्षी डिजाइनों को तैयार किया, जो स्वतंत्रता और शालीनता का प्रतीक हैं, जिन्हें स्पष्ट रेजिन में पेंडेंट, इयररिंग्स और नेकलेस के रूप में जड़ा गया। उन्होंने प्राकृतिक मोटिफ्स और व्यक्तिगत फोटो को उभारते हुए चमकदार, त्रि-आयामी प्रभाव वाले कस्टम फोटो फ्रेम बेस भी तैयार किए। फैशन डिजाइन की सहायक प्रोफेसर एस. एंजेला ने कहा कि इन युवा प्रतिभाओं को रेजिन तकनीकों में मार्गदर्शन देकर उन्हें फैशन और फाइन आर्ट्स में नवाचार करने के लिए सशक्त बनाया जा रहा है।