साक्षी सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी। समाज कार्य विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के प्रो. राजाराम शास्त्री सभागार में एम.ए. आई.आर.पी.एम. प्रथम सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए दो दिवसीय जीवन कौशल कार्यशाला का शुभारम्भ सोमवार को हुआ। अध्यक्षता करते हुए संकायाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष प्रो. वन्दना सिन्हा नेे कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य विषय से सम्बन्धित व्यावसायिक ज्ञान के साथ-साथ विद्यार्थियों के अनुशासन, आत्म जागरूकता, भावनात्मक-सन्तुल विषय लेने की क्षमता, समस्या, समाधान, रचनात्मक और साकारात्मक पारस्परिक कौशल आदि विकसित करना है।कार्यशाला की संयोजक प्रो. निमिषा गुप्ता ने कहा कि भावी जीवन में जीवन कौशल व्यक्तियों को दैनिक जीवन की चुनौतियों, तनावपूर्ण परिस्थियों का सामना करने और कार्यस्थल पर बेहतर प्रर्दशन करने के लिए तैयार करता है। कार्यशाला की समन्वयक डाॅ. भारती कुरील ने बताया की आत्मनिर्भर और सामाजिक रूप से मजबूत व्यक्ति समाज हित एवं देशहित में अपनी भूमिका बेहतर ढंग से सम्पादन कर सकता है।
विषय विशेषज्ञ प्रो. अनिल कुमार चौधरी ने पारस्परिक संबंध कौशल विषय पर विद्यार्थियों को विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि टीम विल्डिंग, कार्यस्थल या निजि रिश्तों को बेहतर बनाने के लिए पारस्परिक सतत कौशल एक महत्वपूर्ण प्रविधि है। डॉ. अभिषेक मिश्रा, वर्धमान विश्वविद्यालय ने बेहतर तरीके से संवाद करना और साक्षत्कार के सबसे कठिन प्रश्नों का उत्तर देना विषय पर अपना व्याख्यान दिया। संचालन डाॅ. भारती कुरील ने किया। इस अवसर पर डाॅ. अश्विनी कुमार सिंह, डाॅ. सतीश कुशवाहा आदि उपस्थित रहे।