वाराणसी: देश के व्यस्ततम और प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के मुख्य पड़ाव वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन की कानून-व्यवस्था की हकीकत भयावह है। यात्रियों के लिए यह स्टेशन अब “खतरे को दावत देने” जैसा साबित हो रहा है, जहाँ छिनैती की वारदातें रोज़मर्रा का मामला बन चुकी हैं। स्थानीय मीडिया की तहकीकात में यह सामने आया है कि सुरक्षा के लिए तैनात पुलिस और जीआरपी पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है।ओवरब्रिज के नीचे लूट: 20 मिनट तक नहीं पहुंचा कोई पुलिसकर्मी कैंट स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था के खोखले दावों की पोल खोलने वाला एक ताज़ा मामला सामने आया है। भदोही जनपद निवासी संतोष चौरसिया अपने भाई को मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठाकर देर रात लौट रहे थे। कैंट स्टेशन के ओवरब्रिज के नीचे बेखौफ घूम रहे बदमाशों ने उन्हें निशाना बनाया और उनके गले से सोने की चेन और हाथ की अंगूठी छीन ली।घटना का सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि पीड़ित के शोर मचाने और दहशत के बीच भी, करीब 20 मिनट तक एक भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा।कागज़ों में सिमटी पुलिस की मौजूदगी पीड़ित संतोष चौरसिया, जो शहर से परिचित नहीं थे, ने बताया कि घटना के समय न तो उन्हें नज़दीकी थाना की जानकारी थी और न ही मोबाइल नेटवर्क काम कर रहा था। ऐसे में, यह सवाल गहराता है कि जब स्टेशन जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील स्थान पर इमरजेंसी पुलिस सहायता भी तुरंत उपलब्ध नहीं है, तो यात्रियों की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी किसकी है?पीड़ितों का स्पष्ट आरोप है कि अपराधी स्टेशन परिसर और ओवरब्रिज के आसपास बेखौफ घूमते हैं, जबकि पुलिस की मौजूदगी सिर्फ कागज़ों में सिमट कर रह गई है।प्रशासन पर गंभीर सवाल, कब जागेगा महकमा?स्थानीय मीडिया कर्मियों की मदद से पीड़ित संतोष चौरसिया की तहरीर सिगरा थाना में दर्ज कराई गई है। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या यह मामला भी अन्य दर्जनों शिकायतों की तरह फाइलों में दबा दिया जाएगा या दोषियों पर कोई सख़्त कार्रवाई होगी?लगातार हो रही ये वारदातें स्पष्ट संकेत हैं कि प्रशासन और रेलवे पुलिस की निष्क्रियता अपराधियों का मनोबल बढ़ा रही है। ‘काशी दीप विज़न’ प्रशासन और रेलवे महकमे से निम्नलिखित सवाल पूछता है:क्या वाराणसी कैंट स्टेशन पर रात्रि गश्त सिर्फ औपचारिकता है?क्या स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है?प्रशासन कब नींद से जागेगा, या फिर कैंट स्टेशन यूँ ही अपराधियों का सुरक्षित ठिकाना बना रहेगा?यदि जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो यह छिनैती की घटना किसी दिन बड़ी अनहोनी में तब्दील हो सकती है।संजना वर्मा की खबर, काशी दीप विज़न के लिए।