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कोतवाली व एसआईटी की संयुक्त टीम ने सिरप तस्करी में 25,000/ के इनामिया पिता पुत्र को किया गिरफ्तार 

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वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता

वाराणसी — कोतवाली व एसआईटी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा कोडीन युक्त फेंसिडील कफ सिरप तस्करी मामले में 25,000/ के इनामिया पिता पुत्र दोनों को गिरफ्तार करने में भारी सफलता प्राप्त किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के नाम क्रमशः मनोज कुमार यादव पुत्र भोलानाथ यादव निवासीऔसानगंज राजापुर थाना जैतपुरा वाराणसी व दूसरे का नाम लक्ष्य यादव पुत्र मनोज कुमार यादव निवासी औसानगंज थाना जैतपुरा वाराणसी बताया गया। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को शुक्रवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए पुलिस उपायुक्त काशी जोन ने बताया कि मुख्य आरोपी मनोज यादव का 25 वर्ष पुराना ड्रग लाइसेंस था। उसने रांची झारखंड की फर्म शैली ट्रेडर्स के संचालक भोला प्रसाद जायसवाल और उनके बेटे शुभम जायसवाल के साथ मिलकर एक बड़ा सिंडिकेट चलाया। आरोपियों ने फर्जी और कुटरचित जीएसटी इन्वॉयस व ई- वे बिल का इस्तेमाल कर न्यू फेंसी डायल (कोडीनयुक्त) कफ सिरप की भारी मात्रा खरीदी। हालांकि यह प्रतिबंधित कफ सिरप को अधिकृत थोक विक्रेताओं को नहीं बेचा गया। बल्कि इसे पश्चिम बंगाल और त्रिपुरा के रास्ते बांग्लादेश में तस्करी कर नशे के रूप में प्रयोग किया गया। पूछताछ में आरोपी मनोज यादव ने बताया कि शुभम जायसवाल की मिली भगत से उसने करीब 1,26,000 शीशी(लागत लगभग 2 करोड रुपए) का अवैध कारोबार किया।यह माल कभी भी सप्तसागर नहीं लाया गया बल्कि बाहर ही इसकी तस्करी कर दी गई। इस कफ सिरप की तस्करी से कमाये हुये धन सम्पत्ति को हवाला के जरिए प्राप्त किया गया। उसे वैध बनाने के लिए एलएमएस इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी में निवेश किया गया। उसके बेटे लक्ष्य यादव का काम शुभम जायसवाल के कहने पर इस कंपनी में नकद पैसे जमा करना था। इस रकम से आरोपी ने भोला प्रसाद जायसवाल के साथ मिलकर करीब 3 करोड रुपए की पांच संपत्तियां खरीदी है। गिरफ्तार अभियुक्तों के विरुद्ध पहले से ही कई मामले दर्ज है।मनोज यादव के खिलाफ कोतवाली और रामनगर के एनडीपीएस एक्ट के मामलों में, इसके अलावा सिगरा थाने में मारपीट, धमकी और चोरी जैसे अपराधों के मामले दर्ज है। इन दोनों अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली दयाशंकर सिंह के नेतृत्व में एसआईटी और रामनगर थाने के उपनिरीक्षकों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही।इस टीम में उपनिरीक्षक विकास पाण्डेय, मनीष सिंह, अजीत मौर्य,लवलेश पटेल, शिवम सोनी, अमित त्रिपाठी, का 0 नीरज मौर्या, सुमित शाही, गौरव भारती, सर्विलांस सेल के अश्वनी सिंह और बृजेश राय शामिल रहे। गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को सम्बन्धित धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया।

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