सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानियां। गंगा नदी में मगरमच्छ दिखने की सूचना मिलने पर स्नानार्थियों और स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई है। बरसात के मौसम में जब जलस्तर बढ़ने के कारण जलीय जीव अक्सर बाहर आ जाते हैं। सुरक्षा और सावधानियां स्नान करते समय बचने की जरूरत पड़ने लगती है। गहरे पानी या सुनसान गंगा नदी घाटों पर नहाने जाने से पूरी खतरे से खाली नहीं रहता है। अगर गंगा नदी में मगरमच्छ दिखाई दे। तो तुरंत स्थानीय पुलिस या वन विभाग को जानकारी देना चाहिए। ऐसे में खेल कूद के लिए बच्चों और पशुओं को चराने के लिए गंगा नदी के किनारे नहीं भेजना चाहिए। बताया जाता है। कि आते जाते राहगीरों की नजर जमानियां धरम्मपुर पक्का पुल के पास गंगा नदी में दो रोज पहले मगरच्छ दिखाई दिया था। गंगा नदी में मगरमच्छ देखे जाने या उसके आने की सूचना मिलने पर स्नानार्थियों और स्थानीय लोगों में भारी दहशत फैल गई। अमन शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी, भाजपा व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, वीरेंद्र कुमार, शशिकांत जयसवाल, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के तहसील अध्यक्ष मोहम्मद इजहार खान, भाजपा मीडिया प्रभारी संजीत यादव सहित आदि लोगों ने बताया कि मानसून या बाढ़ के दिनों में जलस्तर बढ़ने के कारण कई बार जलीय जीव बहकर या भटककर आने की सूचना पहले भी मिल चुका था। इसमें कोई नई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि गंगा नदी या उसके आसपास मगरमच्छ देखे जाने की खबरें अक्सर सामने आई हैं। जिससे स्थानीय लोगों और स्नानार्थियों में भारी दहशत फैल जाती है। बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ना और पानी का तेज बहाव बढ़ जाता है। जलीय जीव बहकर आ जाते है। इस संबंध में क्षेत्रीय वन अधिकारी जयशंकर प्रसाद वर्मा ने बताया कि सटीक जानकारी होने पर विभाग को सूचना दें। विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जलीय जीव से छुटकारा दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर कार्यवाही किया जाएगा।