ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर का निर्माण तो हुआ। लेकिन सिर्फ शोपीस बना हुआ है।

सलीम मंसूरी की रिपोर्ट                               जमानियां। ग्राम पंचायतों में कूड़ा निस्तारण के लिए एमआरएफ सेंटर का निर्माण तो हुआ। लेकिन सिर्फ शोपीस बना हुआ है। बताया जाता है। कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कचरा प्रबंधन को लेकर शुरू किए गए अभियान का असर जिम्मेदार अधिकारी के उदासीनता और लापरवाही के कारण नहीं दिखने को मिल रहा है। निस्तारण की पूरी मुकम्मल व्यवस्था के बाद भी विकास खंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बघरी गांव स्थित कंपोजिट विद्यालय के पीछे एमआरएफ सेंटर का निर्माण किया गया है। लेकिन कूड़े का निस्तारण के लिए प्रयोग नहीं की जा रही है। गांव की गलियां व रास्ते को साफ-सुथरी रखने के लिए विकास खंड के द्वारा ग्राम पंचायतों में कूड़ा नहीं दिखे। और ग्रामीणों को काफी राहत मिल सके। उसी उद्देश्य के साथ एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराई गई। ताकि रोज निकल रहे कूड़ा-कचरा को डंप किया जा सके। ताकि कूड़ों का निस्तारण मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) से किया जाए। गांव में साफ सफाई नहीं होने से बघरी गांव के राजू , संजय सिंह, अरुण, संदीप कुमार, मोहन, राजेश, रमेश, सोनू, विनोद सहित आदि लोगों ने बताया कि गाजीपुर के जिलाधिकारी से स्वीकृति मिलते ही एमआरएफ सेंटर बनाने का काम शुरू हुआ। लेकिन कूड़ा निस्तारण के लिए सेंटर का आज तक प्रयोग नहीं किया गया। लोगों ने बताया कि लाखों की धनराशि से एमआरएफ सेंटर विभागीय स्तर पर निर्माण कराया गया। परन्तु सफाई कर्मियों एवं विभागीय अधिकारी की मिली भगत से एमआरएफ सेंटर में कूड़े का निस्तारण नहीं हो रही है। गांव की गलियां गंदगी से बजबजा रही है। जहां यहां कूड़े का ढेर लगा रहता है। या फिर किसी पोखरी में फेक दिया जा रहा है। जिसके चलते एमआरएफ सेंटर वीरान होने के साथ ग्रामीणों के लिए शोपीस बना रहता है। वहीं उन्होंने बताया कि संक्रामक बीमारियों से भी लोगों को नहीं मिल रही है, निजात। गांव के घरों व दुकानों से निकलने वाले कूड़े की व्यवस्था दी गई। लेकिन सफाईकर्मी निकलने वाले कूड़े को जहां-तहां फेंक दे रहे है।ग्रामीणों ने बताया कि एमआरएफ प्लान के लिए बघरी गांव को चिह्नित किया गया है। जहां रोज निकलने वाले कचरे को एकत्र किया जाएगा। इसके लिए एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराई गई। बोले जिम्मेदार उमेंद्र सिंह ग्राम पंचायत अधिकारी ने कहा कि कुल 28 एमआरएफ सेंटर के निर्माण के लिए शासन से धन स्वीकृत होने के बाद तथा जिलाधिकारी द्वारा अनुमति मिलने पर कचरा प्रबंधन सेंटर का निर्माण कार्य कराया गया। ताकि गांव को स्वच्छ एवं साफ सुथरा दिखेगा। और कूड़े से अब तक होने वाली समस्या से बहुत जल्द ही ग्रामवासियों को राहत मिलता रहे। लेकिन इस गंभीर समस्या की टीम बनाकर जांच किया जाएगा। दोषी पाए जाने पर उचित कार्यवाही के लिए बाध्य होंगे।

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