सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानियां जिलाधिकारी गाजीपुर के निर्देश के क्रम में तहसील क्षेत्रान्तर्गत ग्राम मलसा श्री शिवपुनज इण्टर कॉलेज में अपरजिलाधिकारी की अध्यक्षता में उपजिलाधिकारी जमानियां एवं तहसीलदार द्वारा आगामी बाढ़ के दृष्टिगत मार्क ड्रिल का आयोजन कर क्षेत्रीय ग्रामीणों को बाढ़ से बचने पशुओं आदि के देखभाल बीमारियों से बचने के तरीकों तथा बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में आवश्य जानकारी दी गई। बताया जाता है। कि जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला के दिशा निर्देश के तहत अपारजिलाधिकारी कि अध्यक्षता में श्री शिवपूजन इंटर कालेज मलसा के प्रांगण में बाढ़ से पशुओं के बचाव एवं देखभाल के लिए तथा बीमारियों से सावधान रहने की जानकारी दी गई। इस दौरान उपजिलाधिकारी सुश्री निधि एवं तहसीलदार राम नारायण वर्मा भी उपस्थित रहे। इस दौरान बताया गया कि बाढ़ के समय पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें तुरंत ऊँचे स्थानों पर ले जाएँ। पानी अधिक बढ़ने पर उन्हें खोल दें ताकि वे तैरकर खुद बच सकें। सड़ा या भीगा चारा न खिलाएं, साफ पानी दें, और गलघोटू, खुरपका-मुंहपका जैसे टीकों का प्रबंध रखें। बाढ़ के दौरान पशुओं की सुरक्षा पशुओं को किसी ऊँचे और सुरक्षित स्थान पर बांधें। पानी तेज होने पर पशुओं की रस्सी खोल दें ताकि वे खुद को बचा सकें। बाड़े से बिजली के तार और खतरनाक सामान हटा दें। पशुओं के लिए सूखा चारा और साफ पानी बचा कर रखें। बीमारियों से बचाव के तरीके गलघोटू, खुरपका-मुंहपका (FMD) और लंगड़िया रोग के टीके समय पर लगवाएं। मक्खी और मच्छरों से बचाने के लिए बाड़े में कीटनाशक छिड़कें।थनेला रोग से बचाने के लिए पशुओं के थनों को एंटीसेप्टिक घोल से साफ करें। पशु पालकों को बारीकी से समझाया और बताया गया कि बाढ़ में जागरूक होने की आवश्यकता होती है। ताकि बीमार पशुओं को स्वस्थ पशुओं से तुरंत अलग रखें। बाढ़ के बाद बरती जाने वाली सावधानियां पशुओं को फफूंद लगा या सड़ा हुआ चारा बिल्कुल न दें। बाड़े की अच्छी तरह सफाई और कीटाणुशोधन करें। मृत पशुओं को सुरक्षित तरीके से मिट्टी में दबाएं। और किसी भी बीमारी के लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क किया जाए। बाढ़ के दौरान पशुओं के बचाव और सुरक्षा के तरीकों को विस्तार से समझने की जरूरत है।