Follow us on

जब पुनः नए खंभे लगाने की मांग की गई तो एसडीओ श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग के पास न तो पैसा है और न ही नया खंभा उपलब्ध है

Share this post:

कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी

सीर गोवर्धनपुर वार्ड संख्या 23 में बीते दो वर्षों से कई स्थानों पर बिजली के जर्जर खंभे लोगों की छतों पर लटके हुए हैं। लगभग तीन से चार खंभों की स्थिति अत्यंत भयावह है, जिससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।

स्थानीय नागरिकों द्वारा बार-बार बिजली विभाग में शिकायत की गई, लेकिन समाधान के बजाय केवल आश्वासन ही मिलता रहा। पिछले एक महीने से लगातार विभाग को अवगत कराने के बावजूद स्थिति जस-की-तस बनी हुई है।

पूर्व में जब स्थानीय लोगों को धरना देने पर मजबूर होना पड़ा, तब विद्युत विभाग के एसडीओ श्री कृष्ण कुमार गुप्ता द्वारा यह आश्वासन दिया गया था कि 10 दिनों के भीतर सभी जर्जर खंभे बदल दिए जाएंगे। दुर्भाग्यवश तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी खंभों को नहीं बदला गया।

इस दौरान विभाग द्वारा खंभा बदलने के स्थान पर केवल वेल्डिंग कराना और बालू डालकर जर्जर खंभे को ढकने जैसा अस्थायी कार्य कराया गया, जबकि खंभा आज भी छत पर लटका हुआ है। यह कार्य न केवल तकनीकी रूप से गलत है, बल्कि इससे साफ तौर पर ठेकेदार और अधिकारियों के माध्यम से भ्रष्टाचार की आशंका भी सामने आती है।

जब पुनः नए खंभे लगाने की मांग की गई तो एसडीओ श्री कृष्ण कुमार गुप्ता ने स्पष्ट रूप से कहा कि विभाग के पास न तो पैसा है और न ही नया खंभा उपलब्ध है

इस प्रशासनिक असंवेदनशीलता से आहत होकर आज सीर गोवर्धनपुर वार्ड 23 के दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों से चंदा एकत्र कर ₹2000 की राशि एसडीओ कार्यालय में यह निवेदन करते हुए दी गई कि मानव जीवन की रक्षा के लिए खंभा बदल दिया जाए, शेष राशि भी आवश्यकता पड़ने पर जनता से एकत्र कर दी जाएगी।

लेकिन इसके विपरीत, एसडीओ श्री कृष्ण कुमार गुप्ता द्वारा न केवल इस मानवीय प्रयास को ठुकराया गया, बल्कि धमकी भरे लहजे में कहा गया कि “जो करना है कर लो, खंभा नहीं बदला जाएगा।”

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस विभाग की जिम्मेदारी जनता की सुरक्षा है, वही विभाग लोगों की जान को जोखिम में डाल रहा है।

प्रशासन और शासन से मांग है कि:

सीर गोवर्धनपुर वार्ड 23 के सभी जर्जर बिजली खंभों को तत्काल बदला जाए।

अस्थायी और भ्रष्टाचारपूर्ण कार्यों की जांच कराई जाए।

जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो।

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो किसी भी अप्रिय घटना की पूर्ण जिम्मेदारी बिजली विभाग और प्रशासन की होगा

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x