सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
जमानियां। जे, आई, एफ, एम स्कूल में शनिवार को बसंत पंचमी के पावन पर्व पर छात्र छात्राओं के माध्यम से एक अनोखा कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें बच्चों ने ज्ञान विद्या की देवी सरस्वती के रूप में नाटक प्रस्तुत किया। और अभिभावकों के द्वारा खूब वाहवाही लूटा। बताया जाता है। की बसंत पंचमी एक हिंदू त्योहार है जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है। और ज्ञान, विद्या और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। यह भारत में प्रार्थनाओं और सांस्कृतिक गतिविधियों के साथ मनाया जाता है। लोग पीले कपड़े पहनते हैं। और देवी सरस्वती की पूजा करते हैं। साथ ही पतंग उड़ाते हैं। इसके साथ ही पारंपरिक मिठाइयों का आनंद लेते हैं। यह त्योहार विवाह, शिक्षा और व्यावसायिक उद्यमों सहित नई शुरुआत के लिए भी शुभ माना जाता है। बसंत पंचमी पर्व को मनाने के लिए युवाओं के साथ स्कूलों में अनोखा ढंग से मनाया गया। यह शुभ त्योहार वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है। और ज्ञान, विद्या और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है।बसंत पंचमी भारत में मनाया जाने वाला एक महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार है। यह वसंत ऋतु के आगमन, फसल कटाई के मौसम और देवी सरस्वती की पूजा का प्रतीक है। यह त्योहार शिक्षा, ज्ञान और रचनात्मकता से भी जुड़ा हुआ है। बसंत पंचमी वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक है और हिंदू धर्म में ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी सरस्वती का सम्मान करने के लिए मनाई जाती है। प्रबंधक मुहम्मद आरिफ मंसूरी ने बताया कि यह विद्यार्थियों, कलाकारों और विद्वानों के लिए एक शुभ दिन है। जो बुद्धि और रचनात्मकता के लिए उनका आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि देवी सरस्वती की पूजा लोग ज्ञान, शिक्षा और सफलता के लिए प्रार्थना करते हैं। शिक्षक शाहिद जमाल ने बताया कि वसंत ऋतु का आरंभ यह त्योहार सुहावने मौसम और खिलते हुए। सरसों के खेतों का स्वागत करता है। फसल उत्सव किसान नई फसल के मौसम के आगमन का जश्न मनाते हैं।