पुरानी कंकड़ गंगा नदी घाट का स्थित्व मिटने का कगार पर पहुंच चुका है। 

सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। पुरानी कंकड़ स्नान घाट पर पूजा सामग्री, प्लास्टिक और मलबे के कारण गंदगी का भारी अंबार लगा है। वहीं मोहल्लों से निकलने वाली गंदा और दूषित पानी गंगा नदी में गिर रहा है। जिससे आस्था को ठेस पहुँच रही है। और जल प्रदूषण बढ़ रहा है। अन्य स्थानों पर सफाई का अभाव व प्रशासन की अनदेखी के कारण मुख्य समस्याएं बनी हुई हैं। कंकड़ गंगा घाट पर गंदगी की मुख्य स्थितियाँ और कारण किसी भी पर्व पर स्नान करने वालों के लिए गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पालिका स्तर पर साफ सफाई न होने के कारण यहाँ गंदगी का अंबार है। पीपा पुल समाप्त होने पर खाली पीपा गंगा नदी किनारे सड़ रही है। लेकिन लोक निर्माण विभाग के द्वारा उसे गंगा नदी से निकाला नहीं गया। बताया जाता है। कि गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं द्वारा पूजा सामग्री, फूल-मालाएं सीधे गंगा में प्रवाहित करने से गंदगी फैल रही है। श्रद्धालुओं द्वारा फैलाया गया कचरा बरकरार है। गंगा नदी किनारे रहने वाले लोग प्लास्टिक, पॉलिथीन, पूजा सामग्री, स्थानीय कचरा फेंके जाने से और भी जटिल समस्याएं बनी हुई है। पालिका के प्रशासनिक अधिकारी के उदासीनता के कारण गंभीर समस्याएं बन चुकी है। लोक निर्माण विभाग गंगा नदी में सड़ रही लोहे की पीपा को हटाने के लिए अबतक कार्यवाही नहीं किया। जिसके कारण स्नान घाट बद से बदतर हो चुकी है। वहीं नगर पालिका परिषद द्वारा कार्यवाही नहीं होने से गंदगी सीधे गंगा की मुख्य धारा में बह रही है। जो स्वास्थ्य के लिए जोखिम तथा गंगा नदी में गिरने वाली गंदगी पानी जहरीला हो रहा है। धीरे धीरे कंकड़ घाट की स्थित्व मिटने का कगार पर पहुंच चुका है। सुभाष चौधरी, कैलाशनाथ गुप्ता, हेमंत कुमार यादव, बंशी प्रसाद गुप्ता, सुनील कुमार, अमला चौधरी, कुलेश चौधरी, शेषनाथ चौधरी सहित आदि लोगों ने मांग किया है। कि पालिका स्तर पर कंकड़ गंगा नदी किनारे की समुचित ढंग से साफ सफाई कराई जाए। ताकि स्नान करने वालों को गंदगी से राहत मिल सके। इस संबंध में पालिका अधिशासी अधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि गंगा नदी घाट की जल्द से जल्द साफ सफाई के लिए कार्यवाही की जाएगी।

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