मिर्जापुर र्के अदलहाट थाना क्षेत्र में शुक्रवार की भोर में वाराणसी राजमार्ग पर पुलिस और गौ-तस्करों के बीच मुठभेड़ हो गई। यह घटना शेरपुर गांव के पास तब हुई जब पुलिस ने संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। वाहन रोकने के बजाय चालक ने तेज गति से भागने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने पीछा कर उसे घेर लिया। इसी दौरान हुई मुठभेड़ में हापुड़ निवासी 43 वर्षीय अफज़ाल अहमद पुत्र शब्बीर गोली लगने से घायल हो गया। तस्कर से हुई मुठभेड़ के बाद पुलिस ने वाहन में भरे कुल 37 गौवंश 17 बैल और 20 गाय को सुरक्षित मुक्त कराया। सभी जानवर अत्यधिक थकान और भूख-प्यास की स्थिति में मिले। पशुओं को तत्काल नजदीकी स्थानीय गौशाला भेज दिया गया, जहाँ उनकी चिकित्सा व देखरेख की जा रही है।अदलहाट थाना पुलिस को गुरुवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि वाराणसी की दिशा से गौ-तस्कर एक डीसीएम वाहन में बड़ी संख्या में पशु लेकर गुजरने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए अदलहाट पुलिस व नारायणपुर चौकी पुलिस ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान शुरू किया।शेरपुर के पास तैनात पुलिस ने जैसे ही संदिग्ध डीसीएम वाहन को रोकने का संकेत दिया, वाहन चालक ने रफ्तार बढ़ा दी। पुलिस ने पीछा करते हुए वाहन को रोकने का प्रयास किया। इसी बीच वाहन में बैठे तस्करों ने पुलिस टीम पर आक्रामक हरकतें शुरू कर दीं, जिसके जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। इस कार्रवाई में अफज़ाल अहमद के पैर में गोली लग गई और वह वहीं गिर पड़ा।घटना के बाद पुलिस ने घायल अफज़ाल को तुरंत चुनार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी स्थिति को देखते हुए मंडलीय चिकित्सालय मिर्जापुर रेफर कर दिया। फिलहाल अफज़ाल पुलिस सुरक्षा में भर्ती है और उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।मौके से बरामद डीसीएम वाहन में गायों और बैलों को अत्यंत तंग स्थान में बाँधकर रखा गया था। कई जानवरों के शरीर पर चोटों और रस्सी के निशान पाया गया। तस्करी में प्रयुक्त वाहन को पुलिस ने कब्जे में लिया है। वाहन के नंबर और दस्तावेजों के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की भी पहचान की जा रही है।