सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया
जमानियां। कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वर्षो से रंगाई पुताई नहीं होकने के कारण सरकारी आवास बदहाल स्थिति में पहुंच चुका हैं। और जर्जर आवासों बरसात के समय छतों से पानी टपकने लगती है। चिकित्सक से लेकर जूनियर कर्मी रात में डरते हुए रुकते है। जिससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। बदहाली के मुख्य कारण और स्थिति जर्जर आवास में रहने लायक नहीं हैं। कार्यरत सभी कर्मी मौज मस्ती में डूबे रहते है। उच्चाधिकारियों का कोई डर भय नहीं रह गया है।
सुरक्षा और सुविधा का अभाव: परिसर में साफ-सफाई न होने से झाड़ियां उग आई हैं। जिससे विषैली जंतु का डर बना रहता है। बताया जाता है। की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र प्रति वर्ष रंगाई पुताई, रखरखाव के अलावा मरम्मत के लिए फंड मिलता है। लेकिन कार्यरत व जिम्मेदार चिकित्सकों के उदासीन पूर्ण रवैए के कारण बदहाली के कगार पर पहुंच चुका है। जिसके चलते बदहाल आवासों के कारण चिकित्साकर्मी डर डर कर रुकते और मरीजों का समुचित ढंग से इलाज करते रहते है। लेकिन सरकारी आवासों को देखकर ऐसा लगता है। की जिम्मेदार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधाएं सुचारू दिलाने में मूक दर्शक बनकर तमाशा देख रहे है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि फंड मिलते ही जल्द से जल्द रंगाई पुताई के अलावा रखरखाव की व्यवस्था के लिए कार्य किए जाएंगे।