वशिष्ठ गोंड की रिपोर्ट वाराणसी
भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ द्वारा अपनी स्थापना दिवस के पूर्व संध्या में पूर्व निर्धारित अपना प्रथम अधिवेशन BLW के प्रांगण में संपन्नकिया | इस अधिवेशन में सम्मिलित होने के लिए प्रदेश के विभिन्न जनपदों और अन्य राज्यों के प्रतिनिधि मंडल भी उपस्थित हुए | अधिवेशन के मुख्य अतिथि : प्रोफ़ेसर डॉ. विरेंद्र कमलवंशी (विभागाध्यक्ष, कृषि अर्थशास्त्र) काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी; विशिष्ट अतिथि प्रोफ़ेसर जी. सिंह (विभागाध्यक्ष, आनुवंशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग) स्नातकोत्तर महाविद्यालय गाजीपुर रहे और अधिवेशन की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष डॉ. उमेश चन्द्र ने किया | कार्यक्रम का संचालन संघ के महासचिव अरुण कुमार वर्मा एम.ए.(सांख्यिकी) ने किया | अधिवेशन में विभिन्न विषयों पर चर्चा की गयी जिसके विषय की प्रस्तावना संजीव गौड़ बी.ए., प्रांतीय अध्यक्ष तथा धन्यवाद ज्ञापन इंजी. बृजेश कुमार बी.टेक, जिलाध्यक्ष,वाराणसी के द्वारा किया गया |
प्रो. जी. सिंह जी ने सरकारी तंत्र में व्याप्त भ्रष्टाचार पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी जड़ में स्वार्थ और लालच है लोगों को शिक्षित औए संगठित होना पड़ेगा तब ही भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है | मुख्य अतिथि विरेंद्र कमालवंशी जी ने कृषि क्षेत्र और श्रमिकों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों के बारे में बताते हुए उनके आर्थिक सशक्तिकरण पर प्रबोधन किया |
संघ के अध्यक्ष ने अपने अध्यक्षीय भाषण के दौरान कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अपने जीवन दर्शन में कहा था कि स्वतंत्रता-समता और बंधुता को सामाजिक ध्येय बनाना आवश्यक है | बिना बंधुता को विकसित किये भारत एक राष्ट्र नहीं बन सकता | सामाजिक सशक्तिकरण पर चर्चा करते हुए संविधान की उद्देश्यिका के अनुरूप बंधुता विकसित करने और आपसी सौहार्द कायम रखने पर विशेष बल दिया| इसलिए भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ ने स्वतंत्रता समता बंधुता को अपना दीर्घ कालीन लक्ष्य बनाया है | यही हमारी संगठनात्मक संस्कृति है | संघ पर्यावरण के संरक्षण के साथ मानवाधिकारों की रक्षा और पर्याप्त प्रतिनिधित्व के सिद्धांतों को भी वरीयता देता है |
संघ चुनाव में व्याप्त असमानता को भी संज्ञान में लेते हुए करवाई कर रहा है | उन्होंने आम जन से भी अपील की है कि लोग भारतीय गणतंत्र रक्षक संघ के साथ आयें और इसे मजबूत बनाएं |
कार्यक्रम में वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, कुशीनगर, गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, मिर्जापुर, भदोही, सोनभद्र, प्रयागराज, अम्बेडकर नगर, आरा, बक्सर, आदि जनपदों के प्रतिनिधियों के अतिरिक्त कृष्ण गोंड, घुरहू प्रसाद, अवधेश प्रसाद, जितेन्द्र प्रसाद, रमेश कुमार, संघमित्रा, शारदा गोंड, अशोक कुमार गोंड, चंद्र भूषण प्रसाद, डॉ. शशिकेश, डॉ. सुजीत कुमार, डॉ. मनिंदर डीसूजा, डॉ. शशिकांत यादव, एडो. शिवेंद्र्कुमार, एडो. अशोक, एडो. विमल प्रताप, एडो. मनीष, एडो. संतोष कुमार सहित सैकड़ों लोग सम्मिलित हुए |