वाराणसी।कल तक लोगों की चहल-पहल से गुलजार रहने वाली भिखारीपुर त्रिमुहानी आज वीरान-सी नजर आ रही है। कारण है प्रशासन की वह सख्ती, जिसे स्थानीय दुकानदार तानाशाही करार दे रहे हैं। जाम के नाम पर छोटे तबके के दुकानदारों को लगातार परेशान किया जा रहा है, जबकि यही दुकानदार वर्षों से फुटपाथ के पीछे सीमित दायरे में अपनी दुकान लगाकर किसी तरह परिवार का पेट पाल रहे थे।स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन जिस फुटपाथ का हवाला देकर दुकानों को हटवा रहा है, वह फुटपाथ कुछ ही दूरी पर समाप्त हो जाता है। ऐसे में यह तर्क कि दुकानों के कारण आवागमन बाधित हो रहा है, पूरी तरह बेमानी प्रतीत होता है। दुकानदारों का दावा है कि उन्होंने कभी सड़क पर अतिक्रमण नहीं किया और न ही यातायात में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न की।छोटे दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन की नजर नहीं जाती, लेकिन रोज़ कमाने-खाने वाले गरीब दुकानदारों को ही बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। इस कार्रवाई से न सिर्फ सैकड़ों परिवारों की आजीविका पर संकट मंडरा रहा है, बल्कि क्षेत्र की रौनक भी खत्म होती जा रही है।स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों ने प्रशासन से मांग की है कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए समस्या का स्थायी और व्यावहारिक समाधान निकाला जाए, ताकि यातायात भी सुचारू रहे और गरीब दुकानदारों का चूल्हा भी बुझने से बच सके। रवि शंकर राय की रिपोर्ट वाराणसी