दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्ट वाराणसी प्रदेश के स्टाम्प एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने बुधवार को सर्किट हाउस सभागार में अधिकारियों के साथ बैठक कर जनपद में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए किये जा रहे राहत कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि बाढ़ प्रभावित हर व्यक्ति को शासन द्वारा उपलब्ध कराए जा रहे राहत सुविधाओं को प्राथमिकता पर मुहैया कराया जाए। बाढ़ राहत शिविरों में रह रहे लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा कत्तई नहीं होनी चाहिए। शिविर में रह रहे लोगों को रहने, खाने, जरूरत के अनुसार चिकित्सा सुविधा आदि की समुचित व्यवस्था के अलावा बुजुर्गों एवं बच्चों के लिए दूध एवं फल आदि की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि चेतावनी बिंदु क्रॉस करने की सूचना पर लोगों में भय की स्थिति न हो, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह एलर्ट रहते हुए चक्रमण करते रहे। ताकि लोगों को एहसास हो, कि प्रशासन उनके साथ है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अभी भी रह रहे लोगों को खाद्यान्न आदि की व्यवस्था के साथ ही बच्चों के लिए दूध आदि की व्यवस्था सुनिश्चित हो। उन्होंने क्षेत्रीय पार्षदों को भी अपने-अपने क्षेत्र में बच्चों को दूध आदि वितरित करने हेतु निर्देशित किया। बिजली विभाग के अधिकारी को निर्देशित किया कि राहत शिविरों की विद्युत कटौती कत्तई नहीं होनी चाहिए, वहां पर निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित हो। उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के पशुओं हेतु समुचित चारा आदि की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया। बरसात के दौरान जो भी सड़क क्षतिग्रस्त हुए हो, उन सड़को पर हुए गड्ढों को दो दिन के अंदर हर हालत में दुरुस्त किए जाने हेतु निर्देशित किया। ताकि कोई भी व्यक्ति दुर्घटना का शिकार न होने पाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बरसात में किसी भी गली में अधेरा न हो, सभी स्ट्रीट लाइट चालू हालत में रहे। पार्षद भी अपने क्षेत्र में इस पर नजर रखें। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि बाढ़ राहत शिविरों में रहे लोगों के लिए 3 टाइम खाना, नाश्ता आदि की व्यवस्था के साथ ही रहने की अच्छी व्यवस्था किया गया है। बाढ़ राहत शिविर में सुरक्षा के दृष्टिगत सुरक्षा कर्मियों की भी 24 घंटे ड्यूटी लगाई गई है। बच्चों के लिए दूध, फल आदि की भी व्यवस्था कराई गई हैं। 35 नावे लगाई गई है। इन सभी नावों पर एक-एक पुलिस कर्मियों की ड्यूटी टार्च के साथ लगाई जाएगी। सीएमओ ने बताया कि 16 बाढ़ राहत चौकियों पर मेडिकल टीम लगाई गई है। शिविर में रह रहे लोगों को आवश्यकतानुसार चिकित्सा सुविधा मुहैया कराया जा रहा है। बताया गया कि अभी तक बाढ़ से 01 तहसील प्रभावित है। इससे 14 गांव प्रभावित हुआ है। 692 कैंप के माध्यम से पशुओं के लिए आवश्यक दवाओं का वितरण किया जा चुका हैं।
तत्पश्चात् मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने जेपी मेहता के राहत शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न के किट उपलब्ध कराए तथा वहां पर रहे लोगों से उनका कुशलक्षेम पूछते हुए आश्वस्त किया कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं होने दी जायेगी तथा उन्हें हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान उन्होंने बच्चों को चॉकलेट भी दिए।