रिपोर्ट : गुफरान अहमद मिर्जापुर में एक किसान और मजदूर परिवार उस समय हैरान रह गया, जब इनकम टैक्स विभाग से 41 करोड़ रुपये के लेनदेन का नोटिस पहुंच गया। नोटिस में करीब 7 करोड़ रुपये जीएसटी जमा करने की बात कही गई है। पीड़ित ने अब पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। नौकरी दिलाने गाजियाबाद साले ने बुलाया था। नौकरी मिली नहीं अब मिला नोटिस। पड़री थाना क्षेत्र के लोकापुर गांव निवासी श्याम बाबू बिंद को मिला नोटिस सिरदर्द बन गया है। साले के बुलाने पर वह वर्ष 2021 में काम की तलाश में गाजियाबाद और दिल्ली गए थे। वहां कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर उनका बैंक खाता खुलवाया गया। श्याम बाबू का आरोप है कि खाता खुलवाने के बाद उनसे चेकबुक पर हस्ताक्षर करा लिए गए और पासबुक भी उन्हें नहीं दी गई। बाद में काम नहीं मिला तो वह गांव लौट आया। अब उनके घर इनकम टैक्स विभाग का नोटिस पहुंचा, जिसमें उनके खाते से 41 करोड़ रुपये के लेनदेन का उल्लेख करते हुए करीब 7 करोड़ रुपये जीएसटी जमा करने की बात कही गई।नोटिस मिलने के बाद श्याम बाबू और उनका परिवार सदमे में है। उनका कहना है कि वह एक साधारण किसान और मजदूर हैं तथा चार बच्चों का पालन-पोषण खेती और मजदूरी से करते हैं। इतनी बड़ी रकम जमा करना उनके लिए असंभव है।