कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी
वाराणसी-दिनांक 28.01.2026 माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती पर्व पर जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था हेतु की गई सुरक्षा तैयारियों के निरीक्षण के संबंध में।
अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय,कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती के अवसर पर जनसुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण/भ्रमण किया गया। माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर जनसुरक्षा, कानून-व्यवस्था एवं लोकशांति बनाए रखने के उद्देश्य से आज श्री शिवहरी मीणा, अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय,कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा व्यापक सुरक्षा तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण/भ्रमण किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण एवं संवेदनशील स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था का गहनता से जायजा लिया गया।माघी पूर्णिमा के अवसर पर काशी जोन में अवस्थित प्रमुख गंगा घाटों यथा-भैसासुर घाट, पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट, शीतलाघाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट, तुलसी घाट, अस्सी घाट सहित अन्य गंगा घाटों पर स्नानार्थियों की अत्यधिक भीड़ एकत्रित होती है। उक्त अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान हेतु घाटों पर पहुँचते हैं। किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम, श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, प्रभावी भीड़ नियंत्रण एवं सुचारु यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु पुलिस प्रशासन द्वारा समुचित एवं सुदृढ़ सुरक्षा प्रबंध किये जा रहे हैं।माघी पूर्णिमा के दिन संत रविदास जयंती के अवसर पर थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत मैदागिन चौराहा(थाना कोतवाली), जिसे संत रविदास जी की उपदेश स्थली के रूप में जाना जाता है, जहां से कमिश्नरेट वाराणसी, तथा समीपवर्ती जनपदों से आने वाले अनेक छोटे-बड़े जुलूस एकत्रित होकर एक विशाल शोभायात्रा/जुलूस के रूप में मुख्य कार्यक्रम स्थल संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन (थाना लंका) तक प्रस्थान करते हैं। संत रविदास जयंती के अवसर पर पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी पंजाब प्रांत से स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से हजारों की संख्या में श्रद्धालु संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन में दर्शन हेतु आगमन करते हैं। प्रतिवर्ष अनुयायियों की संख्या में निरंतर वृद्धि हो रही है। श्रद्धालुओं में जनपद वाराणसी के अतिरिक्त अन्य जनपदों, विभिन्न राज्यों तथा विदेशों से आने वाले अनुयायी भी सम्मिलित होते हैं, जिनके द्वारा कई दिनों तक संत रविदास मंदिर परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में प्रवास किया जाता है। इस कारण क्षेत्र में जनसघनता अत्यधिक बढ़ जाती है, जिसे दृष्टिगत रखते हुए विशेष सुरक्षा एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन स्थित हेलीपैड स्थल, पार्किंग स्थल, श्रद्धालुओं के आवागमन मार्ग, जुलूस मार्ग, ठहराव स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थलों का सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से विस्तृत भ्रमण/निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित निर्देश दिये गये—निरीक्षण के दौरान दिये गये विस्तृत निर्देश1. मंदिर परिसर, हेलीपैड एवं पार्किंग स्थल की सुरक्षा व्यवस्था संत रविदास मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र एवं सभी चिन्हित पार्किंग स्थलों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल, पीएसी एवं महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। हेलीपैड क्षेत्र को हाई सिक्योरिटी जोन घोषित करते हुए अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने तथा प्रवेश-निकास बिंदुओं पर कड़ी चेकिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। पार्किंग स्थलों पर वाहनों की सुव्यवस्थित कतारबद्ध पार्किंग, अलग-अलग वाहन श्रेणियों (बस/चार पहिया/दो पहिया) हेतु पृथक पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।2. श्रद्धालुओं के आवागमन एवं भीड़ प्रबंधन व्यवस्था श्रद्धालुओं के सुरक्षित एवं सुचारु आवागमन हेतु मंदिर परिसर एवं जुलूस मार्गों पर प्रभावी बैरिकेडिंग, रस्सी व्यवस्था एवं क्यू-मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने के निर्देश दिये गये। अत्यधिक भीड़ की स्थिति में वन-वे मूवमेंट प्लान लागू करने तथा प्रवेश एवं निकास मार्गों को स्पष्ट रूप से चिन्हित करने के निर्देश दिये गये। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा भीड़ घनत्व पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त बल की त्वरित तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।3. जुलूस/शोभायात्रा मार्ग की सुरक्षा व्यवस्था मैदागिन चौराहा से संत रविदास मंदिर, सीरगोवर्धन तक निर्धारित जुलूस/शोभायात्रा मार्ग पर संवेदनशील बिंदुओं को चिन्हित कर वहां पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। जुलूस मार्ग पर छतों, ऊँचे भवनों एवं संकरी गलियों की पूर्व जांच कर संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये। जुलूस के दौरान डीजे, ध्वनि विस्तारक यंत्र एवं वाहनों की ऊँचाई/गति पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।4. सीसीटीवी, ड्रोन एवं तकनीकी निगरानी मंदिर परिसर, जुलूस मार्ग, पार्किंग स्थल एवं अन्य संवेदनशील स्थानों पर उपलब्ध सीसीटीवी कैमरों को क्रियाशील रखते हुए उनके माध्यम से 24×7 निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। भीड़ की स्थिति एवं जुलूस की गतिविधियों पर निगरानी हेतु ड्रोन कैमरों के माध्यम से एरियल सर्विलांस कराने के निर्देश दिये गये। सभी निगरानी इनपुट को कंट्रोल रूम से समन्वय स्थापित कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।5. यातायात प्रबंधन एवं डायवर्जन व्यवस्था श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके दृष्टिगत विस्तृत यातायात डायवर्जन प्लान लागू करने के निर्देश दिये गये। जुलूस एवं कार्यक्रम अवधि के दौरान भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाते हुए वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट जानकारी देने के निर्देश दिये गये। पार्किंग स्थलों से मंदिर परिसर तक पैदल मार्गों पर प्रकाश व्यवस्था एवं संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश दिये गये।6. आपातकालीन, चिकित्सा एवं आपदा प्रबंधन व्यवस्था किसी भी आपात स्थिति से निपटने हेतु क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT), एम्बुलेंस, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र, अग्निशमन वाहन एवं आपदा प्रबंधन इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिये गये। बुजुर्ग, महिलाएं एवं दिव्यांग श्रद्धालुओं हेतु विशेष सहायता डेस्क एवं स्वयंसेवकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। आकस्मिक भगदड़ अथवा स्वास्थ्य संबंधी घटनाओं की स्थिति में त्वरित रेस्क्यू एवं निकासी योजना लागू रखने के निर्देश दिये गये।7. असामाजिक तत्वों पर निगरानी एवं कानून-व्यवस्था असामाजिक तत्वों, अफवाह फैलाने वालों एवं संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी निगरानी रखते हुए निरोधात्मक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सतत निगरानी रखते हुए भ्रामक अथवा उत्तेजक पोस्ट पर त्वरित वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। सादी वर्दी में पुलिसकर्मियों की तैनाती कर खुफिया सूचनाओं का प्रभावी संकलन सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।8. अन्तर्विभागीय समन्वय एवं सतत पर्यवेक्षण पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन, विद्युत विभाग एवं स्वयंसेवी संस्थाओं के मध्य समन्वय स्थापित कर संयुक्त रूप से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहकर व्यवस्थाओं का पर्यवेक्षण करने एवं समय-समय पर वरिष्ठ अधिकारियों को रिपोर्ट करने के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम की सम्पूर्ण अवधि के दौरान कंट्रोल रूम को पूर्णतः सक्रिय रखते हुए किसी भी सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।9. रूफटॉप ड्यूटी (Rooftop Surveillance Duty) जुलूस मार्ग, मंदिर परिसर, हेलीपैड क्षेत्र, पार्किंग स्थल, भीड़-संवेदनशील चौराहों एवं प्रमुख भवनों की छतों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाए जाने के निर्देश दिये गये। रूफटॉप ड्यूटी में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा छतों, ऊँची इमारतों एवं आसपास के क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि, वस्तु अथवा व्यक्ति की तत्काल सूचना कंट्रोल रूम को देने के निर्देश दिये गये। रूफटॉप ड्यूटी हेतु पूर्व से भवन स्वामियों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षित पहुँच, प्रकाश व्यवस्था एवं संचार साधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। ड्रोन संचालन के दौरान रूफटॉप ड्यूटी एवं ड्रोन टीम के मध्य समन्वय स्थापित करते हुए किसी भी असामान्य स्थिति पर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।10. वायरलेस सेट एवं संचार व्यवस्था (Communication & Wireless Duty) कार्यक्रम के दौरान सभी ड्यूटी प्वाइंट्स पर वायरलेस सेट की निर्बाध उपलब्धता एवं कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। प्रत्येक ड्यूटी प्वाइंट को पूर्व से निर्धारित वायरलेस चैनल/फ्रीक्वेंसी से जोड़े जाने तथा संचार में अनुशासन बनाए रखने के निर्देश दिये गये। वायरलेस पर केवल आवश्यक, संक्षिप्त एवं स्पष्ट संदेशों का ही आदान-प्रदान करने तथा अनावश्यक वार्तालाप से बचने के निर्देश दिये गये। कंट्रोल रूम, फील्ड अधिकारियों, जुलूस मार्ग, रूफटॉप ड्यूटी, पार्किंग स्थल एवं मंदिर परिसर के मध्य सतत वायरलेस संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिये गये। संचार बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक संचार व्यवस्था (रिजर्व वायरलेस/मोबाइल टीम) को तत्पर रखने के निर्देश दिये गये।11. महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष ड्यूटी (Critical Point Duty) मंदिर के मुख्य प्रवेश/निकास द्वार, वीआईपी मूवमेंट रूट, हेलीपैड, पार्किंग स्थल, भीड़ संकेंद्रण बिंदु एवं संकरी गलियों को क्रिटिकल प्वाइंट घोषित करते हुए वहां विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये गये। इन स्थलों पर तैनात बल द्वारा सघन चेकिंग, निगरानी एवं किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये। वीआईपी/वीवीआईपी मूवमेंट की स्थिति में एस्कॉर्ट, रूट सेनेटाइजेशन एवं अस्थायी ट्रैफिक नियंत्रण के निर्देश दिये गये।12. स्ट्राइकिंग फोर्स एवं रिजर्व बल किसी भी आकस्मिक अथवा अप्रत्याशित स्थिति से निपटने हेतु पर्याप्त रिजर्व/स्ट्राइकिंग फोर्स को रणनीतिक स्थानों पर अलर्ट अवस्था में रखने के निर्देश दिये गये। वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश पर स्ट्राइकिंग फोर्स की त्वरित मूवमेंट एवं तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।13. अनुशासन, व्यवहार एवं जनसंपर्क सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी के दौरान शालीन व्यवहार, संयम एवं संवेदनशीलता बनाए रखने के निर्देश, जिससे श्रद्धालुओं में सुरक्षा एवं विश्वास की भावना बनी रहे। श्रद्धालुओं से संवाद के दौरान विनम्रता, सहयोगात्मक दृष्टिकोण एवं सहायता भावना अपनाने के निर्देश दिये गये। किसी भी विवाद या असहमति की स्थिति में संयमपूर्वक एवं विधिसम्मत ढंग से कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।14. निरंतर समीक्षा एवं रिपोर्टिंग सभी सेक्टर/ज़ोन अधिकारियों को समय-समय पर स्थिति की समीक्षा कर वरिष्ठ अधिकारियों को वायरलेस/लिखित माध्यम से रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश दिये गये। कार्यक्रम की सम्पूर्ण अवधि के दौरान सुरक्षा व्यवस्था का सतत मूल्यांकन करते हुए आवश्यकतानुसार त्वरित संशोधन/सुदृढ़ीकरण करने के निर्देश दिये गये।निरीक्षण के दौरान उपस्थित पुलिस उपायुक्त, काशी जोन श्री गौरव वंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त, यातायात श्री अंशुमान मिश्रा, सहायक पुलिस आयुक्त, भेलूपुर श्री गौरव कुमार, प्रभारी निरीक्षक लंका, एफएसओ सहित अन्य उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारीगण को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया गया कि सभी सुरक्षा, यातायात एवं भीड़ प्रबंधन से संबंधित व्यवस्थाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण कर ली जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो तथा उन्हें सुरक्षित, सुगम एवं शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित करते हुए सतत निगरानी बनाए रखने एवं किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु तत्पर रहने को निर्देशित किया गया, जिससे माघी पूर्णिमा एवं संत रविदास जयंती का पर्व पूर्णतः सौहार्दपूर्ण, सुरक्षित एवं निर्विघ्न रूप से सम्पन्न हो सके