वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी –उत्तर प्रदेश सरकार के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने माफियाओं के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति को और अधिक आक्रामक बनाने का संकल्प लिया है। उन्होंने मीडिया को संबोधित करते हुए रविवार को दोपहर पुलिस लाइन स्थित नवीन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि पिछले एक दशक में माफियाओं के खिलाफ जो निर्णायक लड़ाई लड़ी गई है उसमे काफी हद तक सफलता मिली है।यह लड़ाई भविष्य में भी पूरी शिद्दत के साथ जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रदेश मे शांति भंग करने वाले किसी भी शख्स या सोशल मीडिया पर अराजकता फैलाने वाले दबंगों को पुलिस कत्तई भी बर्दाश्त नहीं करेगी। डीजीपी राजीव कृष्ण ने राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करते हुए कहा कि महिला सुरक्षा, व्यापारी वर्ग का संरक्षण और साइबर अपराधों पर नकेल कसना पुलिस की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है। यातायात प्रबंधन के क्षेत्र में उन्होंने एक बड़े बदलाव का संकेत दिया है। डीजीपी ने बताया कि प्रदेश के 20 प्रमुख जिलों में रीड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन योजना का क्रियान्वयन शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि गूगल डेटा के माध्यम से वाराणसी में 11 प्रमुख ट्रैफिक कॉरिडोर और मार्गों की पहचान की गई है, जहां जाम की समस्या अधिक रहती है। इसी प्रकार पूरे प्रदेश में लगभग 230 ऐसे कॉरिडोर चिन्हित किए गए हैं। उन मार्गों पर वाहनों की गति, जाम की स्थिति, अधिकतम व न्यूनतम और औसत मात्रा समय का डेटा लगातार एकत्र किया जा रहा है। पिछले एक सप्ताह ,दो सप्ताह और एक माह के आंकड़ों का विश्लेषण कर यातायात में सुधार की रणनीति बनाई जा रही है। इस पत्रकार वार्ता के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक पियूष मोर्डिया, पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल के साथ साथ डीसीपी काशी गौरव वंशवाल व एडीसीपी वैभव बांगर,डीसीपी वरूणापार प्रमोद कुमार व एडीसीपी लिपि नागयाच, डीसीपी गोमती जोन नीतू कादयान व एडीसीपी नृपेन्द्र कुमार समेत जनपद के समस्त पुलिस अधिकारीगण उपस्थित रहे।