सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। माह ए रमजान का पवित्र महीना अब समाप्ति की ओर है। और ईद-उल-फ़ित्र 20-21 मार्च के आसपास अपेक्षित) करीब आते ही बाजारों में भारी रौनक लौट आई है। मुस्लिम लोग नए कपड़े, जूते, इत्र, घर की सजावट और सेवइयों जैसी पारंपरिक चीजों की खरीदारी के लिए घरों से निकलकर देर रात तक खरीदारी करने में जुटे हैं। रोजेदार मोहम्मद वसीम मंसूरी ने बताया कि ईद त्यौहार करीब आते ही बाजारों में रौनक कपड़ों के शोरूम, चूड़ी-मेहंदी की दुकानें और किराना स्टोर पर खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आखिरी दिनों में लोग ईदी, उपहार और मेहमानों के स्वागत के लिए मिठाइयों (विशेषकर शीर खुरमा) की खरीदारी कर रहे हैं। इसके साथ ही रूहानी माहौल के साथ-साथ अब जश्न का उत्साह बाजारों में साफ दिख रहा है। और लोग जोर-शोर से ईद की तैयारी में लगे हैं। उन्होंने बताया कि माह ए रमजान के अंतिम चरण में ईदुल फ़ित्र की तैयारियां जोरों पर हैं। और बाजारों में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ रही है। माह ए रमजान के 29 या 30 दिनों के आधार पर, चांद दिखाई देने पर 20 या 21 मार्च को ईद मनाई जा सकती है। इसके लिए मुस्लिम बंधु सहित मुस्लिम महिलाएं छोटे बड़े सभी घरों से निकलकर लोग नए कपड़े, जूते, इत्र, और घर के लिए उपहार खरीद रहे हैं। देर रात तक बाजार भी गुलजार हैं। जहां कपड़े, चूड़ियां और अन्य सामानों की जमकर खरीदारी हो रही है। उन्होंने बताया कि घरों में मीठी सेवइयां, शीरखुरमा और विभिन्न प्रकार के व्यंजनों को बनाने की तैयारी के लिए महिलाएं सामग्री खरीदने में व्यस्त हो गई। इसी लिए माह ए रमजान का आखिरी जुम्मा (अलविदा जुम्मा) 13 मार्च को मनाया गया। जो पवित्र महीने के अंत का संकेत है। मंसूरी ने बताया कि
खुशियों का पर्व ईद उल फ़ित्र आपसी भाईचारा और सौहार्द का संदेश देती है।