Follow us on

ये वर्दी सिर्फ़ कपड़ा नहीं होती, ये माँ की दुआ होती है,

Share this post:

ये वर्दी सिर्फ़ कपड़ा नहीं होती,ये माँ की दुआ होती हैपिता का गर्व होती है,और परिवार का मौन त्याग होती है।जब देश सोता है,तब पुलिस और सैनिक जागते हैं।जब घरों में दीप जलते हैं,तब वर्दी पर ज़िम्मेदारियाँ जलती हैं।सीमा पर खड़ा सैनिकऔर सड़कों पर तैनात पुलिस—दोनों का जीवन एक-सा है,फ़र्क़ सिर्फ़ मोर्चे का है।कई बार जन्मदिन तस्वीरों में मनते हैं,घर की हँसी पीछे छूट जाती है।बच्चों की पहली आवाज़कभी-कभी तस्वीरों में ही सुनाई देती है।फिर भी…चेहरे पर शिकन नहीं होती,क्योंकि सामने देश होता है।ये नौकरी नहीं,ये सेवा है।ये ड्यूटी नहीं,ये संकल्प है।ये वो क़सम हैजो हर सुबह खुद से निभाई जाती है।सलाम है उन कंधों कोजो थकते हैं, मगर झुकते नहीं।सलाम है उन हर कदमों कोजो अपने लिए नहीं,हम सबके सुकून के लिए चलते हैं। 🇮🇳पुलिस और सैनिक —राष्ट्र की धड़कन,देश की असली ताक़त।जय हिंद 🇮🇳

वाराणसी वरुणा जोन *आईपीएस लेडी सिंघम नीतू काद्दयान ज़ी* की एक सोच सच्ची देश भक्ति का भावना व देश के लिए समर्पण 

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x
Verified by MonsterInsights