रमजान की दूसरी जुमा पर जामा मस्जिद में नमाजियों की उमड़ी भीड़, दिल से नफरत को खत्म करने की दुआ मांगी

सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। मुकद्दस महीना माह ए रमजान के दूसरे जुमा पर कस्बा बाजार के शाही जामा मस्जिद में नमाजियों की उमड़ी भीड़, दिल से नफरत को खत्म करने की दुआ मांगी,

खुदा ने हम मुसलमान को यह नियामतों से भरा महीना तोहफे के रूप में दिया है। इमाम हाफिज तौहीद रजा ने कही। रमज़ान की दूसरि जुमा पर मस्जिदों में लगी नमाजियों की भीड़। लोगों के दिल से नफरत और बुराइयों को खत्म करने की दुआ मांगी। बताया जाता है। की मुकद्दस महीना माह ए रमजान का पाक महीना चल रहा है। इसको लेकर लोग रोजा के साथ नियमित रूप से नमाज भी अदा करते हैं। उसी को लेकर कस्बा बाजार के शाही जामा मस्जिद में रमजान की दूसरे जुमे की नमाज पढ़ने के लिए हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। जहां तकरीर करते हुए। इमाम हाफिज तौहीद रजा ने कहा कि इस महीने में नेकी बटोर सकते हैं। क्योंकि खुदा ने हम मुसलमान को यह नियामतों से भरा महीना तोहफे के रूप में दिया है। अगर इसमें हम लोग अपनी बुराई की माफी के लिए दुआ मांगेंगे। उन्होंने कहा कि अल्लाह ताला उसे सुनता है। इस लिए ज्यादा से ज्यादा नेकी का काम करें। ताकि अल्लाह को राजी किया जा सके। ये रमज़ान का महीना हमारे लिए नेकी कमाने का महीना है। इस महीने में रोजा, नमाज़ के साथ जकात और सदका ए फित्र अदा किया जाए। उन्होंने कहा कि कोशिश करें कि अपने आसपास कोई भी भूखा न रहे। इसके साथ ही इमाम साहब ने सदका ए फित्र को लेकर भी ऐलान किया। उन्होंने कहा कि इस बार 50 प्रति व्यक्ति के रूप में सदका ए फित्र निकाला गया है। शाही जामा मस्जिद के सेकेट्री मौलाना तनवीर रजा ने बताया कि इसे रमजान में ही अदा कर देनी चाहिए। जुमे की नमाज के बाद लोगों ने देश के अमन चैन की दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि आज जिस तरह से का माहौल बन रहा है। अल्लाह ताला उससे सारे इंसान को निजात दे। और सच्चाई और ईमानदारी पर रास्ते पर चलने की खुदा तौफीक अता फरमाए। इसके साथ जो बीमार है। उन्हें शिफा आता फरमाए। वही रजा ने कहा कि रमजान का दूसरा आसार भी शुरू होने वाला है। रमजान का दूसरा अशरा मगफिरत का है। इस अशरे में अल्लाह मरहूमों की मगफिरत फरमाता है। और रोजेदारों को उनके गुनाहों से आजाद करता है। बताया कि मुकद्दस महीने के बीच के दस दिन में अल्लाह पाक जितने भी मरहूम हैं। उनकी मगफिरत फरमाता है और रोजेदार के सारे गुनाह माफ कर देता है। इस 10 दिनों में अपने मरहुमों की मगफिरत के लिए दुआ मांगे और खुद से फरियाद करें। कि हमें भी नेकी के राह पर चलने की तौफीक अता फरमाए। नूरी मस्जिद लोदीपुर के इमाम असरफ करीम कादरी ने कहा कि रमजान के दूसरे जुमे (शुक्रवार) को सभी आसपास की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ देखी गई। जिससे परिसर खचाखच भर गए। इस पवित्र महीने में विशेष तरावीह और जुमे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग मस्जिदों में एकत्रित हुए। जिससे आध्यात्मिक माहौल बना रहा। रमजान के पवित्र महीने में लोग इबादत और दुआओं में समय व्यतीत करते रहते हैं। जुमे की विशेष नमाज के लिए मस्जिदों में सुरक्षा और व्यवस्था के कड़े इंतजाम थे।

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