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रोहनिया पुलिस ने कोडीन कफ सिरप मामले के तीन अभियुक्तों को किया गिरफ्तार 

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वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता वाराणसी

वाराणसी — जनपद में चोरी,लूट, ड्रग सप्लाई,शराब तस्करी आदि पर अंकुश लगाने हेतु चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस उपायुक्त वरूणापार जोन कमिश्नरेट प्रमोद कुमार व अपर पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान तथा सहायक पुलिस आयुक्त रोहनिया संजीव शर्मा के नेतृत्व में गठित प्रभारी निरीक्षक रोहनिया राजू सिंह की पुलिस टीम द्वारा कोडीन कफ सिरप मामले में संलिप्त तीन अभियुक्तों को रविवार को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों का नाम स्वप्निल केसरी पुत्र मनोज केसरी निवासी कृष्णा नगर चंदासी मुगलसराय चंदौली व मूल पता राम मंदिर इस्तुन बाजार मुगलसराय थाना मुगलसराय चंदौली तथा दूसरे का दिनेश कुमार यादव पुत्र रामनारायण यादव निवासी सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली वाराणसी तथा तीसरे का नाम आशीष यादव पुत्र किशोर यादव निवासी ईश्वर गंगी थाना जैतपुरा वाराणसी बताया गया। गिरफ्तार किये गये तीनों अभियुक्तों को रविवार को मीडिया के सामने पेश करते हुए अपर पुलिस उपायुक्त नीतू कादयान ने बताया कि अभियुक्तों ने अपना अपराध कबूल करते हुए बताया कि हम सब कई वर्षों से दवा की खरीद फरोख्त का काम करते आ रहे हैं। हम लोगों की जान पहचान सप्तसागर मैदागिन थाना कोतवाली वाराणसी से हुई थी। अभियुक्त दिनेश कुमार यादव के दुकान के सामने शुभम जायसवाल की दवा की दुकान है। दिनेश कुमार यादव और आशीष यादव ने स्वप्निल केसरी को पैसा कमाने का तरीका बताया और शुभम जायसवाल से कई बार मिलवाया भी था। शुभम जायसवाल ने हम लोगों को मेडिकल फार्मा एजेंसी की रजिस्टर्ड दुकान खोलने का तरीका बताया तो हम लोगों द्वारा शुभम जायसवाल के साथ मिलकर चंदौली में तीन मेडिकल एजेंसी फर्म खोला गया। एसपी फार्मा काली महाल मुगलसराय चंदौली जिसकी ओनर सबा परवीन के नाम से खोला गया। दूसरा अलउक्बा मेडिकल एजेंसी जिसका धारक सद्दाम हुसैन, जो मेरे यहां पेंटिंग का काम करने आया था के नाम से खुलवाया गया। जो संजय केसरी के मकान में खोला गया था। तीसरा सिंह मेडिकोज जिसे धारक नागेंद्र कुमार सिंह के नाम खोला गया, जिसकी मकान मालिक रेखा देवी पत्नी सूर्यनाथ यादव कृष्णा नगर कॉलोनी मुगलसराय चंदौली के मकान में खोला गया। सभी खोले गए तीनों मेडिकल फर्मो में उस कंपनी का बोर्ड लगाकर कुर्सी मेज रखकर फोटो खिंचवाई जाती थी और उसकी जीएसटी आदि बनवाकर रजिस्ट्रेशन करवा दिया जाता था। उन फर्मो में कभी भी कोई भी दवा नहीं आई थी। इन कंपनी के नाम से शुभम जायसवाल और दिनेश कुमार यादव व आशीष यादव द्वारा न्यू फैंसीडाइल व कोडीन कफ सिरप उन लोगों द्वारा मंगवाकर बनारस चंदौली व अन्य जिलों में गुप्त रूप से गुप्त स्थान पर रखकर स्टोर करवाते थे और गुप्त रूप से बेचते थे। सिंह मेडिकोज के नाम से आर एस फार्मा गाजियाबाद से 01 अगस्त 2025 को कफ सिरप ट्रक द्वारा आया था। वह कफ सिरप शुभम जायसवाल का था। न्यू फैंसीडाइल कफ सिरप भी टाइटन फिटनेस जिम भदवर रोहनिया में कई बार पहले उतरवा कर रखा गया था जो बरामद हो गया और वहां से माल बांग्लादेश भेज दिया गया था।कफ सिरप के नाम से बिक्री का नकद पैसा स्वप्निल केसरी को बैग में भरकर मैदागिन सप्तसागर में दिनेश कुमार यादव द्वारा अपनी दुकान पर मैदागिन में दिया जाता था।उस पैसे को स्वप्निल केसरी व आशीष यादव जो दिनेश कुमार यादव के भतीजे हैं, दोनों लोग उस पैसे को ले जाकर तीन फर्जी फर्म के नाम से हम लोगों द्वारा बैंक मे खुलवाये गये खाते बैंक ऑफ़ महाराष्ट्र नीचीबाग, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया वाराणसी में करोड़ों रुपए नगद जमा किया जाता रहा। उसी दिन जमा किए गए पैसों को शुभम जायसवाल द्वारा बताए गए फर्म में चेक द्वारा आरटीजीएस से अन्य मेडिकल फर्म के बैंक खाते में ट्रांसफर करवा दिया करता था। फिर वह जमा पैसा अन्य फर्म के खातों से ट्रांसफर होकर शैली ट्रेडर्स में चला जाता था। शैली ट्रेडर्स शुभम जायसवाल की है। एसपी फार्मा मेडिकल एजेंसी, सिंह मेडिकोज तीनों कंपनियों के खातों की चेक जारी करवा कर तीनों खुलवाई गई मेडिकल कंपनियों के ऑनर से सभी चेकों पर हस्ताक्षर बनवाकर ले लेते थे। नगद पैसा जमा करते समय इस चेक पर पैसा भर कर और दिनांक लिखकर अन्य कंपनियों में आरटीजीएस के माध्यम से पैसा दूसरी कंपनी में ट्रांसफर करवा देते थे। जो पैसा हम लोग नगद बैंक में जमा करते थे वह पैसा दिनेश कुमार यादव द्वारा शुभम जायसवाल के किसी आदमी से लेकर हम लोगों को जमा करने के लिए देते थे। हम लोगों को इस काम को करने के लिए शुभम जायसवाल द्वारा हर माह काफी रुपया दिया जाता था। जिला चंदौली में तीनों खोले गये मेडिकल फर्म को हम लोगों द्वारा शुभम जायसवाल के कहने पर खुलवाया गया था और जीएसटी रजिस्ट्रेशन भी कराया गया था। इन फर्मो में कभी कोई दवा स्टोर के लिए नहीं रखी गयी।इन फर्मो के नाम पर दवा केवल कागजों में अंकित होती थी। फर्मो के स्थानो पर कोडीन कफ सिरप कभी भी नहीं आती थी। वह शुभम जायसवाल के बताए गए स्थान पर रखी जाती थी और वहीं से आवागमन किया जाता था। रोहनिया पुलिस द्वारा तीनों अभियुक्तों को भा0द0वि0 की धारा 8/21,25,29 एनडीपीएस एक्ट व 111 बीएनएस के अन्तर्गत मुकदमा पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही करते हुए जेल भेजा गया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में प्रभारी निरीक्षक रोहनिया राजू सिंह, व0उ0नि0 घनश्याम निषाद, उ0नि0 भरत चौधरी, उ0नि0 राम कुमार पाण्डेय, उ0नि0 दिनेश सिंह, हे0का0 अखिलेश कुमार आदि शामिल रहे।

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