सुकन्या सिंह की रिपोर्टवाराणसी। लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित उषा मेहता मार्ग पर एक तीन मंजिला आवासीय इमारत में हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में सुरक्षा मानकों की समीक्ष शुरू हो गई है। सोमवार, 22 जून को हुए इस दर्दनाक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई थी। घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया और प्रशासनिक तंत्र को सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीरता से समीक्षा करने के लिए मजबूर कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दुखद घटना की सूचना मिलते ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क कर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री उस समय अलीगढ़ में एक कार्यक्रम में शामिल थे, लेकिन घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना कार्यक्रम छोड़कर लखनऊ का रुख किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश देते हुए प्रदेश के सभी जिलों में अग्नि सुरक्षा मानकों की जांच करने के निर्देश जारी किए। इसी क्रम में वाराणसी में भी प्रशासन हरकत में आया और सुरक्षा मानकों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई।
मंगलवार को वाराणसी विकास प्राधिकरण, फायर ब्रिगेड विभाग तथा पुलिस कमिश्नरेट की संयुक्त टीम ने शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और व्यावसायिक भवनों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई स्थानों पर अग्नि सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की अनदेखी सामने आई। टीम ने भवनों में फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्ग, अग्निशमन यंत्रों तथा भवन निर्माण मानकों की विस्तार से जांच की।
निरीक्षण के दौरान दुर्गाकुंड स्थित आकाश कोचिंग संस्थान और गुरुधाम क्षेत्र के जवाहर नगर एक्सटेंशन स्थित आकाश कोचिंग संस्थान में कई गंभीर खामियां पाई गईं। अधिकारियों के अनुसार दोनों भवन निर्धारित सुरक्षा मानकों पर खरे नहीं उतरे। भवनों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित आवश्यक व्यवस्थाएं पर्याप्त नहीं थीं तथा निर्माण संबंधी कई बिंदुओं पर भी अनियमितताएं सामने आईं।
इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए वाराणसी विकास प्राधिकरण ने दोनों कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रशासन की इस कार्रवाई से अन्य कोचिंग संचालकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने सभी संस्थानों को अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने तथा समय-समय पर फायर ऑडिट कराने की सलाह दी है।
लखनऊ की दर्दनाक घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी कितनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। ऐसे में प्रशासन का कहना है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचने के लिए नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।