कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट वाराणसी अखिल भारतीय गोंड आदिवासी सं वाराणसी के जिलाध्यक्ष मनोज गोंड के नेतृत्व मे गोंड समाज ने जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि अधिकारियों द्वारा जाति प्रमाण-पत्रों का मनमाने ढंग से निरस्तीकरण किया जा रहा है और शासनादेशों व न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है वाराणसी में गोंड अनुसूचित जनजाति के लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी गिरीश चंद्र दुबे द्वारा उच्च न्यायालय के आदेशों की अनदेखी की जा रही है।
ज्ञापन के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा वर्ष 1994 और 1997 में दिए गए निर्णयों तथा बाद में खारिज की गई स्पेशल अपील के बावजूद गोंड/गोड़/को अलग-अलग जाति मानकर भेदभाव किया जा रहा है। जबकि समुदाय का कहना है कि यह केवल उच्चारणगत अंतर है और दोनों एक ही जाति हैं।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि शासन द्वारा वर्ष 1999 से 2021 तक जारी कई स्पष्ट शासनादेशों के बावजूद भू-राजस्व अभिलेख, परिवार रजिस्टर और विद्यालय की टीसी में दर्ज जाति को अमान्य कर उन्हें “भड़भूजा” जाति में दर्ज किया जा रहा है।
इतना ही नहीं, उत्तर प्रदेश लोकसेवा आरक्षण अधिनियम 1994 की धारा 9 का हवाला देते हुए समुदाय ने कहा है कि अधिकारियों को स्वैच्छिक अधिकार नहीं है कि वे प्रमाण-पत्रों को मनमाने तरीके से निरस्त करें।
पीड़ितों का कहना है कि इस कार्रवाई से बच्चों की पढ़ाई, छात्रवृत्ति और नौकरी में आरक्षण पर सीधा असर पड़ रहा है गोंड समाज ने चेतावनी दी है कि समय रहते खारिज की गयी जाति प्रमाण पत्र बहाल नही किया गया तो गोंड समाज सड़क पर उतर कर आन्दोलन के लिए बाध्य होगी जिसकी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी
हम लोग वर्षों से अनुसूचित जनजाति के प्रमाण-पत्र पर लाभ लेते आए हैं, लेकिन अब अचानक हमारे प्रमाण-पत्र निरस्त किए जा रहे हैं। हम न्याय की मांग करते हैं।”
फिलहाल, गोंड अनुसूचित जनजाति के लोगों ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर आरोप पर क्या कार्रवाई करता है पत्रक देने मे मुख्य रूप से उपस्थित सुरेश राम गोंड, राजकुमार गोंड राजू, विशाल गोंड, संकठा प्रसाद गोंड, अशोक गोंड,कमलेश गोंड, छेदी गोंड, जय गोंड, लाल बहादुर गोंड, शिव जतन गोंड, गनेश गोंड, गोपाल गोंड, कोमल गोंड, प्रेम गोंड, रामाशरे गोंड, आदि लोग उपस्थित थे