वाराणसी गार्ड एंव सुपरवाईजर की नयी भर्ती दिनांक 01.12 2025 से हुआ है। यहाँ पर सिनियर सुपरवाईजर महेन्द्र सिंह यादव है जो गलत काम करते है। जो एक यादव जाति विशेष से आते है। और इस संस्था में अपने जाति की वर्चस्व कायम रखने के लिए ज्यादा यादवों को भर्ती किये है। जिसमें उनके सम्बन्धी के ज्यादा से ज्यादा लोग है। निकाले गये गार्ड से उन्होनें 30 से 40 हजार रूपयों की नगद में डिमान्ड किया और पैसे नही देने पर 8 लोगो को निकाल दिया गया। जिसकी सूचना 30.11.2025 को शाम को 7:00 बजे मोबाइल पर मेसेज दिया गया। डी०जी०आर० के नियमानुसार गार्ड को निकालने से पहले कम से कम 3 महीने पहले सुचना दिया जाना चाहिए। बी०एच०एल० के नियमानुसार जब भी गार्ड निकाले जाते है तो Date of Joining के अनुसार सिनियरिटी से निकाले जाते है। जो कि इस बार महेन्द्र सिंह यादव ने ऐसा नहीं किया। बीच से कुछ जाति विशेष को छाट-छाट कर एच आर विभाग के राज करण मिश्रा की सहमति से निकाला गया और उनकों बताया गया कि ये गार्ड पैसे देने के लिए मना कर रही है। जिसमें एच आर की सहमति से कार्यवाही की गयी है। एच आर के सीनियर अफसर तन्मय कुमार दास और राज करण मिश्रा को जब इस घटना की सुचनागार्ड और सुपरवाइजर द्वारा दिया गया तो उन्होनें कोई उचित कार्यवाही नहीं किया और गार्ड से मिलने के लिए मना कर दिया। ऐसी घटना धनोपार्जन हर महिने गार्ड से 11 हजार रूपयें नगद महिन्द्र सिंह यादव व अरविन्द कुमार यादव जो मुंशी की ड्युटी करता है। लिया जा रहा था। उस समय एक आवेदन पिछली ऐजेंसी पंकज कुमार सिंह सिक्योरिटी को दिया गया। जिसमें कर्नल पंकज कुमार सिंह, राज करण मिश्रा व महेन्द्र सिंह यादव के द्वारा सुलह समझौता हुआ और कहा गया कि भविष्य में गार्ड से कोई भी पैसे का धनोपार्जन नहीं होगा। ऐसी घटना 2025 में हुआ और महेन्द्र सिंह यादव ने राजकरण मिश्रा एंव तन्मय कुमार दास का नाम लेकर धमकी देकर पैसे की डिंमाड 30 से 40 हजार रूपया करने लगे मना करने पर इन लोगो की सहमति से बी०एच०एल० से 8 लोगो को निकाल दिया गया। जिससे इन लोगो के परिवार और बच्चों का भविष्य के साथ खेलवाड़ किया गया है और आर्थिक व मानसिक रूप से कमजोर किया गया है। भविष्य में अगर इनके साथ कोई भी घटना होती है तो इसके जिम्मेदार तन्मय कुमार दास, राज करण मिश्रा व महेन्द्रर सिंह यादव होगे। डी०जी०आ० के नियमानुसार केटेगरी गार्ड नहीं होना चाहिए जो कि पैसे के बल पर केटेगरी लोगो को रखा गया है।अगर गार्ड निकालना था तो Date of Joining के हिसाब से निकालना चाहिए किसी को कोई आपत्ति नहीं थी क्योंकि बीच से गार्ड निकाले गये है। ड्युटि के सम्बन्ध में कोई जवान बिमार हो जाता है तो उसके जगह ड्युटी जिस जवान से छुटी कराई जाती है। तो ड्यूटी का आधा प्रेमेन्ट महेन्द्रर सिंह यादव और मुंशी अरविन्द यादव लेते है।