गुफरान अहमद की रिपोर्ट मिर्जापुर में राजगढ़ थाने की पुलिस ने शादी का झांसा देकर भोले-भाले लोगों से अवैध धन उगाही करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गिरोह की तीन महिलाओं सहित कुल 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से ठगी के 30,000 रुपये भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस अधीक्षक ‘अपर्णा रजत कौशिक’ के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत राजगढ़ पुलिस को यह बड़ी सफलता मिली है।शादी के नाम पर ठगी करने वाले अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया अजीत (फरार) है। यह गिरोह गिरोह फर्जी दुल्हन और फर्जी रिश्तेदार बनकर उन परिवारों को निशाना बनाता था, जो अपने बेटों की शादी के लिए परेशान रहते थे। विश्वास जीतने के बाद शादी की रस्मों के नाम पर पैसों की मांग की जाती थी और रकम मिलते ही गिरोह रफूचक्कर हो जाता था मामले का खुलासा तब हुआ जब आगरा जनपद के रामबाग (एत्माददौला) निवासी मीरा देवी ने तहरीर देकर बताया कि उनके साथ शादी का झांसा देकर बड़ी रकम की ठगी की गई है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
मंगलवार को थाना प्रभारी राजगढ़ वेद प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में उप निरीक्षक पुरन्जय चौबे और अनिल सिंह की टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना पर घेराबंदी कर 6 आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपियों में चन्दौली और मीरजापुर के निवासी शामिल हैं।
गिरफ्तार अभियुक्तों मे जितेन्द्र (चन्दौली)रामविलाश (चन्दौली)
महिमा (चन्दौली)रीता मड़िहान, मीरजापुर)जिऊती राजगढ़,मीरजापुर
मनीषा राजगढ़, मीरजापुर
गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक पुरन्जय चौबे, अनिल सिंह व अन्य हमराह शामिल रहे। पुलिस अब गिरोह के सरगना अजीत की तलाश में जुटी है। पुलिस अधीक्षक ने टीम की तत्परता की सराहना की है और आम जन से अपील की है कि शादी-विवाह जैसे मामलों में पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही कोई लेनदेन करें।गिरफ्तार अभियुक्तों को आवश्यक वैधानिक कार्यवाही के उपरान्त माननीय न्यायालय भेज दिया गया.