राजेश पटेल की रिपोर्ट वाराणसी*सरकारी जमीन पर कब्जे के मामले में कार्रवाई नहीं, आदेश के बावजूद फाइल दबाने का आरो* वाराणसी शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। राजातालाब तहसील क्षेत्र के कल्लीपुर गांव में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामले में सक्षम न्यायालय द्वारा आदेश जारी किए जाने के बावजूद अब तक प्रभावी कार्रवाई न होने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि लगातार प्रार्थना पत्र देने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मामले को लंबित रखे हुए हैं।
शिकायत के अनुसार आराजी संख्या 785, रकबा लगभग 40 हेक्टेयर, नवीन परती के रूप में मौजा कल्लीपुर, परगना कसवार राजा तालाब, तहसील राजातालाब में दर्ज है। इस भूमि के संबंध में पूर्व में बेदखली एवं क्षतिपूर्ति का आदेश 09 अप्रैल 2025 को पारित हुआ था। बाद में न्यायालय द्वारा उक्त आदेश को निरस्त करते हुए प्रमाणित प्रति के साथ पत्रावली अवर न्यायालय को वापस भेजी गई तथा निर्देश दिया गया कि आराजी संख्या 785 नवीन परती का सीमांकन कर दोनों पक्षों को सुनते हुए वाद का गुण-दोष के आधार पर एक माह के भीतर निस्तारण किया जाए। साथ ही कब्जा पाए जाने की स्थिति में धारा 67 के तहत अलग से बेदखली की कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।शिकायतकर्ता का आरोप है कि 16 मार्च 2026 के आदेश के बावजूद अभी तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत किए जाने पर अधिकारियों द्वारा इसे सरकारी भूमि का मामला बताते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया गया।
अब सवाल यह है कि आदेश के अनुपालन में जिम्मेदार अधिकारी कब तक कार्रवाई करते हैं और कथित अतिक्रमण की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं। शिकायतकर्ता ने शासन की भूमाफिया विरोधी नीति के तहत मामले में शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है।