सुकन्या सिंह की रिपोर्ट वाराणसी।
एक ओर जहां सरकार और प्रशासन वाराणसी शहर में पार्कों के सौंदर्यीकरण और नवीनीकरण को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रह हैं, वहीं दूसरी ओर जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) द्वारा शहर के 75 पार्कों के नवीनीकरण का प्रस्ताव तैयार किया गया है, वहीं स्मार्ट सिटी मिशन के तहत आधुनिक लाइटिंग, बेहतर लैंडस्केपिंग और नागरिक सुविधाओं के विकास की बात कही जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छ, सुरक्षित और आकर्षक सार्वजनिक स्थल उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।लेकिन भेलूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत रविंद्रपुरी कॉलोनी स्थित रविंद्रपुरी पार्क की हालत इन दावों के ठीक उलट दिखाई दे रही है। वर्षों से उपेक्षा का शिकार यह पार्क आज बदहाली का प्रतीक बन चुका है। स्थानीय नागरिक मनोज कुमार चौहान ने बताया कि पार्क में लगे सभी झूले पूरी तरह टूट चुके हैं, नियमित सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है और पार्क अब लोगों द्वारा कपड़े सुखाने की जगह बन गया है।मनोज कुमार चौहान का कहना है कि जब किसी को ऐसा करने से रोका जाता है तो विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। हालात और भी गंभीर तब हो जाते हैं जब रात 8 बजे के बाद पार्क में असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगने लगता है। खुलेआम शराब, गांजा और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन किया जाता है, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना रहता है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा केवल औपचारिक गश्त कर इतिश्री कर ली जाती है, कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।उन्होंने दावा किया कि यदि प्रशासन रात के समय सख्ती से जांच करे तो वास्तविक स्थिति देखकर किसी की भी रूह कांप उठे। पार्क में नियमित झाड़ू तक नहीं लगती और स्थानीय जनप्रतिनिधि या सभासद द्वारा कभी निरीक्षण किए जाने की बात भी सामने नहीं आई है।पार्क की इस बदहाल स्थिति से कॉलोनीवासी बेहद परेशान हैं। खासकर महिलाओं और बच्चों में देर रात पार्क के आसपास से गुजरने को लेकर डर बना रहता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रविंद्रपुरी पार्क का शीघ्र नवीनीकरण कराया जाए, नियमित सफाई, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और प्रभावी पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए, ताकि यह पार्क एक बार फिर आम जनता के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और उपयोगी बन सके।