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हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर खुद बीमार तो औरों का कैसे इलाज

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सलीम मंसूरी की रिपोर्ट

जमानियां। हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर बीमार होने पर इलाज के साथ-साथ स्वस्थ रहने और बीमारियों को रोकने पर नहीं हो रही है, ध्यान केंद्रित। बताया जाता है। कि शनिवार को ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर जाना हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर बीमार पाए गए। दो दर्जन से अधिक हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर बनाई गई। और स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई। लेकिन सेंटर पर एक भी स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित नहीं मिले। कई सेंटरों पर ताला बंद पाया गया। बता दें कि ताजपुर गांव में रास्ता विहीन स्थान पर हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाई गई। उसी के बगल में कूड़ा रखने का स्थान है। यह हमेशा बंद रहता है। लेकिन सरकारी डॉ उदासीनता को छुपाने में दिन रात लगे रहते है। यह सिर्फ दवा देने की जगह नहीं, बल्कि समग्र प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ जैसे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रदान करते हैं। ताकि लोग स्वस्थ जीवनशैली अपना सकें। और लंबे समय तक स्वस्थ रहें। यह पारंपरिक अस्पतालों से अलग हैं। जहाँ मुख्य फोकस बीमारी के इलाज पर होता है। हेल्थ एवं वेलनेस सेंटर पूरी तरह बीमार पड़ा हुआ है। व्यापक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएँ CPHC मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, परिवार नियोजन, और सामान्य बीमारियों का इलाज के लिए चिकित्सक तैनात होने चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं सिर्फ कोरे कागजात पर ही दिखाया गया है। इस संबंध में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिकित्सक प्रभारी डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर का मतलब है। कि केंद्र पर पहुंचने वाले मरीजों की सही ढंग से जांच करना उसके बाद दवा देकर उसका इलाज किया जाना है। उन्होंने बताया कि अभियान चलाकर जांच करने पर अगर हेल्थ एवं वैलनेस सेंटर बंद पाया जाता है। तो उस केंद्र पर तैनात स्वास्थ्य कर्मियों के खिलाफ अवश्य कार्यवाही किया जाएगा। सिंह ने बताया कि गैर-संचारी रोगों (NCDs) की रोकथाम के साथ मधुमेह, डायबिटीज उच्च रक्तचाप, हाई ब्लड प्रेशर, और हृदय रोगों की जाँच और प्रबंधन रहता है। ऐसे में लापरवाही कत्तई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हेल्थ वेलनेस सेंटर पर खान-पान, व्यायाम, तनाव प्रबंधन) अपनाने के लिए शिक्षित और प्रेरित किया जाता है। और मुफ्त दवाएं और जांच के आवश्यक दवाएं और नैदानिक सेवाएं प्रदान करने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की जाती है। बताया जाता है। कि हिंदुस्तान मीडिया टीम द्वारा शनिवार को क्षेत्र के इलाको में अभियान चलाकर हेल्थ एवं वैलनेस सेंटरों की पड़ताल की। जो अधिकतम सेंटर बंद पाए गए। और जो खुली रही वहां पर स्वास्थ्य कर्मी मरीजों की जांच और दवा देने में व्यस्त रहे। कस्बा बाजार स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सक डॉ रुद्रकांत सिंह ने बताया कि आयुष्मान भारत हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर योजना के तहत उप-स्वास्थ्य केंद्रों (Sub-Health Centres) को वेलनेस सेंटर में बदला जा रहा है। ताकि लोगों को उनके घर के पास ही व्यापक स्वास्थ्य सेवाएँ मिलें। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बीमारी के इलाज के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ और सक्रिय जीवन जीने के लिए सशक्त बनाते हैं। बस इतना है। कि हेल्थ वेलनेस सेंटर कोरे कागजातों पर दौड़ रहा है।

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