*वाराणसी। कार्यालय प्रतिनिधि की रिपोर्ट जबरन भूमि अधिग्रहण, बिजली एवं लेबर कोड के विरोध में किसान-मजदूर संगठनों ने आगामी 10 अगस्त को वाराणसी के शास्त्री घाट (वरुणा पुल) पर ‘जेल चलो’ आंदोलन का आह्वान किया है। जिला किसान सभा सी .आई.टी.यू. (CITU) और खेत मजदूर यूनियन के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 11 बजे से यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।
संगठनों का आरोप है कि सरकार भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का उल्लंघन कर किसानों की कृषि योग्य जमीनों का अन्यायपूर्ण तरीके से अधिग्रहण कर रही है, जिससे वाराणसी में खेती संकट में आ गई है। समाज सेवी सुबेदार यादव का कहना हैं कि भूमि अधिग्रहण पर रोक हो उपजाऊ जमीनों पर बनने वाली सभी परियोजनाओं को तत्काल रद्द किया जाए।
लेबर कोड व न्यूनतम वेतन चारों नए लेबर कोड रद्द किए जाएं और मजदूरों के लिए न्यूनतम वेतन 26,000 रुपये प्रति माह तय हो।
मनरेगा व रोजगार ग्रामीण गरीबों को मनरेगा के तहत 200 दिन का काम व 700 रुपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाए तथा शहरी गरीबों के लिए भी रोजगार गारंटी योजना लागू हो।बिजली व स्मार्ट मीटर बिजली का निजीकरण और स्मार्ट मीटर लगाना बंद हो। बुनकरों को पहले की तरह फ्लैट रेट पर बिजली तथा आम जनता को 300 यूनिट बिजली मुफ्त दी जाए। फसल का सही दाम C2+50% फार्मूले के आधार पर फसलों के लाभकारी मूल्य तय किए जाएं। महंगाई पर अंकुश, नई शिक्षा नीति की वापसी, पेपर लीक रोकने के कड़े इंतजाम और NTA को भंग करने की मांग भी उठाई गई है।
किसान व मजदूर संगठनों ने सभी नागरिकों, किसानों, मजदूरों और युवाओं से अपील की है कि वे 10 अगस्त को सुबह 11 बजे अधिक से अधिक संख्या में शास्त्री घाट (वरुणा पुल) पहुंचकर आंदोलन का समर्थन करें।