वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट
वाराणसी — भूगोल विभाग उदय प्रताप कॉलेज वाराणसी द्वारा सोमवार को राजर्षि सेमिनार हाल में राष्ट्रीय सिंपोजियम का आयोजन किया गया। जिसका मुख्य विषय भूगोल में अभिनव प्रवृत्ति रहा। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में तिलका मांझीपुर भागलपुर यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति प्रो.वीसी झा और विश्व भारती विश्वविद्यालय के भूगोल के पूर्व विभागाध्यक्ष शान्ति निकेतन रहे। इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि व प्राचार्य के द्वारा राजर्षि जी के चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्वलन कर कराया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ काशी हिन्दू विश्वविद्यालय भूगोल विभाग के मुख्य वक्ता प्रोफेसर गायत्री राय के स्वागत उद्बोधन से हुआ। विभागाध्यक्ष प्रो. अंजू सिंह ने मुख्य वक्ता का परिचय कराते हुए उनका स्वागत किया। इस मौके पर कालेज के प्राचार्य प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि भूगोल एक स्थान परक एक विज्ञान है। भूमिगत जल में गिरावट, जलवायु परिवर्तन जैसी समस्या भूगोल वेत्ताओं के लिए एक चुनौती है। जिसका समाधान अति आवश्यक है।प्रो. गायत्री राय ने आउटलाइन ऑफ़ रिसर्च पर व्याख्यान देते हुए इसके विभिन्न आयाम पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि प्रोफेसर वीसी झा ने ज्योग्राफिकल रिसर्च जिओस्पैशियल रीसर्च ट्रेंड्ज इन ज्योग्राफी अप्रोचेज एंड इन्नोवेशन विषय पर व्याख्यान देते हुए स्थान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने भूगोल के नए तकनीक से विद्यार्थियों को परिचित कराया। इस कार्यक्रम का संचालन डॉक्टर विनीत कुमार राय ने और धन्यवाद ज्ञापित प्रो.पंकज कुमार सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में तकनीकी सहयोग चंदन कुमार, डॉ मनोज कुमार सिंह, प्रो. राजीव रंजन का कार्यक्रम के संचालन में अभूतपूर्व योगदान रहा। इस अवसर पर प्रो.सुधीर कुमार शाही,प्रो.सुधीर कुमार राय,आइक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो.मनोज कुमार त्रिपाठी,प्रो.नीलिमा सिंह,प्रो. रश्मि सिंह,प्रो.रेनू सिंह,डा. अनुभा शुक्ला, प्रो. मीरा सिंह, डा. पुष्पराज शिवहरे, डा. प्रदीप कुमार सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।इस कार्यक्रम में भूगोल विभाग के यूजी,पीजी के छात्र छात्राओं के साथ पीएचडी के रिसर्च स्कालर भी उपस्थित रहे।