वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता
वाराणसी –जनपद के समस्त संगठनों ने टेट की अनिवार्यता के विरुद्ध गठित साझा मंच द्वारा गुरुवार को रैली निकाली। यह रैली बीएसए कार्यालय से होते हुए गोलघर चौराहा होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया और अपनी मांगों का ज्ञापन मुख्य मंत्री को सम्बोधित जिलाधिकारी प्रतिनिधि एडीएम सीटी आलोक वर्मा को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से शिक्षक वक्ताओं ने मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने के लिए आभार ज्ञापित करते हुए कहा कि इससे शिक्षकों को कुछ राहत जरूर मिली है, किंतु जानकारों ने इसे आधे अधूरे तैयारी से उठाया गया कदम बताया।क्योंकि पुनर्विचार याचिका में शिक्षकों के लिए टीईटी के लिए दो के बजाय 5 वर्ष की समय सीमा बढ़ाने की मांग, इंटरमीडिएट बीटीसी, उर्दू बीटीसी,बीपीएड, डीपीएड, योग्यता धारी शिक्षकों के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। साथ ही उनका कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय एनसीटीई द्वारा दाखिल हलफनामा के आरटीई संशोधन अधिनियम 2017 के आलोक में ही दिया गया है। जिसमें सरकार आरटीई 2009 के अस्तित्व में आने से पहले यानी वर्ष 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया है। शिक्षक वक्ताओं ने सरकार से आरटीई के अधिनियम 2017 में संशोधन कर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टेट की अनिवार्यता से मुक्त करते हुए पुनर्विचार याचिका की मजबूत पैरवी कर शिक्षकों को इससे निजात दिलाने की मांग किया गया। क्योंकि अपनी सेवा से स्वर्णिम 15 से 30 वर्ष देने के बाद आज 50 से 55 वर्ष की उम्र में टीईटी की परीक्षा पास करने की अनिवार्यता ना सिर्फ असंगत है, बल्कि अव्यावहारिक भी है। रैली का नेतृत्व कैलाशनाथ यादव ने तथा संचालन विनोद कुमार उपाध्याय ने किया। रैली में प्रमुख रूप से विनोद कुमार उपाध्याय, कैलाश नाथ यादव, रविंद्र नाथ यादव, आनंद कुमार सिंह, रविंद्र कुमार सिंह, वीरेंद्र प्रताप सिंह, सनत कुमार सिंह, ज्योति भूषण त्रिपाठी, अमृता सिंह त्रिपाठी,अमृता सिंह ,यशोवर्धन त्रिपाठी,जितेंद्र कुमार पाण्डेय, अजय कुमार तिवारी, बृजेश यादव, उमाकान्त शर्मा, अमिताभ मिश्रा, राजीव कुमार उपाध्याय, एहतेशामुल हक, संजीव राय, प्रणव यादव, गिरीश यादव, रामाशंकर यादव, राजेश श्रीवास्तव, शैलेंद्र कुमार पाण्डेय, संतोष कुमार सिंह, प्रीति शुक्ला, राजेश कुमार, संतोष कुमार सिंह, कुमारी प्रतिमा, शिवजतन यादव,प्रणव राय, आरती गौतम, क्षितिज कुमार दीक्षित, सत्यनारायण वर्मा, संजय कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, ज्ञानेंद्र उपाध्याय, रामसागर, मोहन सिंह, अखिलेश विश्वकर्मा, वसंत कुमार, संगीता यादव, सुखपाल सिंह, डॉक्टर गोविंद सिंह यादव, प्रमोद कुमार सिंह समेत सैकड़ों शिक्षक शिक्षिकाएं शामिल रहे।