सुकन्या सिंह की रिपोर्ट
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों द्वारा अपनी स्थायीकरण की मांग को लेकर चल रहा अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण प्रदर्शन आज नौवें दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों का यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न होने के कारण कर्मचारियों में निराशा भी देखी जा रही है।
प्रदर्शन के नौवें दिन आज मधुबन गार्डन में एक विशेष हस्ताक्षर अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान में कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी एकजुटता का परिचय दिया। लगभग साढ़े 500 कर्मचारियों ने इस हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें स्थायीकरण का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
हस्ताक्षर अभियान के दौरान कर्मचारियों ने एक स्वर में कहा कि वे किसी भी प्रकार की अराजकता या उग्रता का रास्ता नहीं अपनाना चाहते, बल्कि लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं। उनका मानना है कि यदि उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए, तो इसका समाधान सहज रूप से निकाला जा सकता है।
प्रदर्शन में शामिल कर्मचारियों ने यह भी बताया कि वे पिछले कई दिनों से लगातार धरने पर बैठे हुए हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई प्रतिनिधि उनसे वार्ता करने नहीं आया है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और व्यापक रूप देने के लिए बाध्य होंगे।
कर्मचारियों का कहना है कि स्थायीकरण उनकी प्रमुख मांग है, जिससे उनके भविष्य को सुरक्षित किया जा सके। वर्तमान में संविदा और दैनिक वेतन पर काम करने के कारण उन्हें कई प्रकार की असुरक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्थायी नियुक्ति उनके जीवन में स्थिरता और सम्मान दोनों लाएगी।
फिलहाल, कर्मचारी शांतिपूर्ण ढंग से अपने आंदोलन को जारी रखे हुए हैं और प्रशासन से सकारात्मक पहल की उम्मीद कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इस मुद्दे पर कब तक संज्ञान लेता है और कर्मचारियों की मांगों पर क्या निर्णय सामने आता है।