फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सीएम योगी ने दी बड़ी राहत, गेहूं खरीद में आ रही परेशानी दूर। उक्त जानकारी विपणन अधिकारी ने दी।
जमानियां। सरकारी गेहूं खरीद केंद्र विपणन अधिकारी सत्य प्रकाश राय ने बताया कि गेहूं खरीद की परेशानी को देखते हुए। प्रदेश सरकार ने किसानों को बहुत बड़ी राहत दी है। उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद में किसानों को आ रही तकनीकी दिक्कतों को दूर करते हुए। फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता खत्म कर दी है। अब किसान पुरानी व्यवस्था के अनुसार ही सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेच सकेंगे।
फार्मर रजिस्ट्री को लेकर सीएम योगी ने दी बड़ी राहत दी है। अब किसान अपनी गेहूं खरीद में आ रही परेशानी दूर कर दी है। विपणन अधिकारी सत्य प्रकाश राय ने कहा कि गेहूं की सरकारी खरीद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि अब किसान फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के बिना भी सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकते है। इस फैसले से उन लाखों किसानों को फायदा होगा जो तकनीकी प्रक्रियाओं या रजिस्ट्री न होने के कारण अपनी उपज बेचने में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। राय ने कहा कि पुरानी व्यवस्था के तहत गेहूं की होगी खरीद। फार्मर रजिस्ट्री की नई प्रक्रिया के कारण कई केंद्रों पर खरीद की गति धीमी है। और किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन किसानों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए। मुख्यमंत्री ने आदेश दिया है। कि किसान पूर्व के वर्षों की तरह ही आसान प्रक्रिया से अपना गेहूं बेच सकेंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है। कि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े और उन्हें समय पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकारी क्रय केंद्र पर किसानों को शुद्ध पेयजल के साथ बैठने के लिए छांव की व्यवस्था के साथ हर संभव सुविधा मिलेगी। अगर केंद्र पर किसान को बेवजह परेशान किया गया या फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर खरीद रोकी गई। तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों में खुशी की लहर। गेहूं कटाई और खरीद के पीक सीजन में लिए गए इस निर्णय का किसान बंधुओं ने स्वागत किया है। किसानों का कहना है कि फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया जटिल होने के कारण उन्हें केंद्रों पर इंतजार करना पड़ रहा था। लेकिन अब पुरानी व्यवस्था बहाल होने से वे आसानी से अपनी फसल बेच सकेंगे।