सलीम मंसूरी की रिपोर्ट
जमानियां। कस्बा बाजार में स्मार्ट मीटर से बिजली उपभोक्ताओं को अधिक बिजली बिल भुगतान करना पड़ रहा है। पीएम सूर्य घर योजना शून्य के बराबर मिल रहा है। जिसके कारण पीएम सूर्य घर योजना के तहत लगाने वाले लोगों को लाभ मिलने की जगह बिजली बिलों में वृद्धि से परेशान हो रहे है। लेकिन बिजली विभाग के द्वारा समाधान कराने के लिए अधिकारी मूक दर्शक बनकर तमाशा देखते रहते है। पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के लिए तमाम बिजली उपभोक्ता अपने अपने छतों पर लगाया। लेकिन उसका लाभ नहीं मिल रहा है। पीएम सूर्य घर योजना के उपभोक्ता रेशमा बानो ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगने के कारण सोलर लगने का लाभ नहीं मिल रहा है। दो माह में 2000 हजार का बिजली बिल का भुगतान करने के लिए मजबूर है। बढ़ते बिल और तकनीकी खामियों से परेशान हो रहे है। बिजली बिल से राहत सुकून मिलने के बजाए और भी अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। बिजली विभाग स्मार्ट मीटर की समुचित ढंग से जांच नहीं किया। और बिजली बिल में सुधार नहीं हुआ। तो स्मार्ट मीटर को उखाड़ कर फेकने के लिए मजबूर होंगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर अबतक कार्यवाही नहीं की जा रही है। जबकि शासन के निर्देश पर पूरे प्रदेश के साथ-साथ तहसील मुख्यालय स्थित कस्बा बाजार सहित जिले में स्मार्ट मीटर लगाने के अभियान पर फिलहाल अस्थायी रोक लगाने के लिए विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया गया था। इसके बाद भी आदेश को ठेंगा दिखाते हुए मनमानी ढंग से स्मार्ट मीटर लगा दी गई। बिजली उपभोक्ता का कहना रहा कि पीएम सूर्य घर योजना के तहत सोलर प्लेट लगाई गई। ताकि अधिक बिजली बिल से छुटकारा मिलता रहे। लेकिन लाभ मिलने के बजाए अधिक बिजली बिल का भुगतान करना पड़ रहा है। इसके बाद भी विभागीय स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है।