*वाराणसी*- राजातालाब तहसील के अन्तर्गत अदमापुर महनाग गांव के मूल निवासी समाज सेवी सुबेदार यादव ने। प्रधानमंत्री मोदी से मिलने हेतु प्रार्थना पत्र लिखकर मंडलायुक्त वाराणसी को ज्ञापन सौंपा। जिसमें लिखा गया हैं कि मैं वोट हूं देश का भविष्य हूं। मुझसे ही देश के सांसद व प्रधानमंत्री बनते हैं। मैं भी देश के सरकारी सिस्टमों का अंश हूं। मैं देश सेवा जन हितैषी में 2013 में अपना खेत गिरवी रखकर पहलवान खिलाड़ियों के लिए एक भब्य अखाड़ा बनवा दिया। जहां पर पहलवान खिलाड़ियों की पौध तैयार हो रहा हैं। पहलवान खिलाड़ी कुश्ती का दाव पेंच सीखकर कुश्ती खेलकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं। इसी अखाड़े को देखकर भारत सरकार ने मेरे ग्राम सभा अदमापुर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार से सम्मानित होने के लिए 2016 में चयनित किया,और 2018 में ग्राम सभा अदमापुर को पंडित दीनदयाल उपाध्याय पुरस्कार से सम्मानित किया गया और प्रधानमंत्री मोदी ने ग्राम प्रधान को दिल्ली में पुरस्कार देकर सम्मानित किए। लेकिन मैंने अपना खेत गिरवी रखकर अपने पैसे से पहलवान खिलाड़ियों के लिए अखाड़ा बनवाया मुझे ही सम्मान से इग्नोर किया गया। एक वोट के अधिकार सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भेद भाव हुआ। समाज सेवी सुबेदार यादव
पहले गांव के जमीन पर पहलवान खिलाड़ी कुश्ती का प्रेक्टिस करते थे बारिश में मिट्टी गिला हो जाता था गर्मियों में परेशानी होती थी। पहलवान खिलाड़ी कुश्ती का प्रेक्टिस नहीं कर पाते थे। की समस्या को देखते हुए सेवापुरी ब्लाक के महनाग गांव में मैंने अपनी जमीन को गिरवी रखकर अपने पैसे से एक भब्य अखाड़ा बनवा लिए जहां पर क्षेत्र के लड़के लड़कियां कुश्ती का दांव पेच सिखने के लिए आते हैं।
सुबेदार यादव एक गरीब किसान के बेटे हैं जो हंडिया पालिटेक्निक प्रयागराज सरकारी कालेज से पालिटेक्निक इंजीनियरिंग का कोर्स किए हैं।और वही से एन सी सी का कोर्स 3 वर्ष ट्रेनिंग भी किए हैं।