विजय कुमार की रिपोर्ट वाराणसी विगत 29 वर्षों से अनवरत वैशाख पुर्णिमा के दिन 1008 कलश जल 51 ध्वज वाहकों से युक्त सातों बहनों के स्वरूप की झांकी के साथ भव्य शोभा यात्रा स्थानीय रामापुरा शीतला मंदिर से शहनाई की मंगल ध्वनि (पंडित महेन्द्र प्रसन्ना द्वारा शुरू होकर रास्ते भर ढोल भण्डारों, भजन कीर्तन करते हुए नर-नारियों के साथ भक्तगण प्रसाद निर्वारित करते हुए दशाश्वमेघ घाट स्थित बड़ी शीतला माता मन्दिर माँ के दरबार जाकर जलाभिषेक किया। ढोल, नगाड़ा, बैण्ड, धोबिया नटुआबाजा आदि से शोभायात्रा सुसज्जित की।
इस शोभायात्रा में मुख्य रूप से सन्तोष सेठ ‘भगवनजी’, सेवकिया बेला देवी, प्रभात कुमार, रामजी दशाश्वमेघ, पन्ना लाल सिंगारिया, संजीव सेठ, हरी सेठ, योगेश सेठ, संजय जी, प्रदीप जी, जूही गुप्ता, सोनी गुप्ता, शरद सेठ, मिन्ना जी, नकुल जी. अभय विशाल, चन्द्रभूषण जी, रामकुमार सेठ, अशोक जी, अमित यादव, श्री प्रकाश दूबे, बागेश्वरी बहन, राजेश्वरी बहन, राधा रानी, संदीप सेठ, भारद्वाज सेठ, कुसुम लता, राजकुमार सेठ, राहुल कुमार, विक्की, शंभु बेनवंशी, संजय वर्मा काजू, नन्द लाल कशेरा जी, शंकर पान जी, राम गोपाल वर्मा पार्षद जी, मनोज सेठ पार्षद जी, चरन दास जी, कशेरा टेन्ट समीर जी, सुपर सेल पुल्लू जी, बाबू नमकीन जी, लक्ष्मन जयसवाल जी, सुनील जी, पवन डमरू जी, झालर महराज जी, राम कुमार शर्माजी, प्रिन्स जी, माँ काली भगत बचाऊ जी, राहुल खारी कुआँ जी, सभी भक्त गण।