Follow us on

तिरंगा हमारी शान हैं,तो धरती हमारी जान हैं, सीमा पर जवान हैं, खेतों में किसान यही हिन्दूस्तान की आन बान शान हैं*। युवा किसान एवं समाज सेवी सुबेदार यादव 

Share this post:

शिवपूजन कुमार की रिपोर्ट *                        वाराणसी* राजातालाब तहसील अन्तर्गत भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। हाल ही में किसानों और ग्रामीणों के एक समूह ने एकत्रित होकर सरकार के इस कदम के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया है। आंदोलनकारी किसानों का स्पष्ट कहना है कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ कृषि भूमि को हाथ से नहीं जाने देंगे।तिरंगा हमारी शान, धरती हमारी जान”

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने हाथों में भारतीय राष्ट्रध्वज (तिरंगा) और विभिन्न मांगों तथा चेतावनियों से भरे पोस्टर-बैनर थाम रखे थे। युवा किसान एवं समाज सेवी सुबेदार यादव ने भावुक और कड़े शब्दों में कहा।

यह तिरंगा हमारी शान है, तो यह धरती हमारी जान है। सीमा पर जवान है, तो खेतों में किसान है। यही हमारे हिंदुस्तान की आन-बान और शान है। सरकार से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे ऐसा कोई ‘नादानी’ भरा कदम न उठाएं जिससे लाखों अन्नदाताओं का भविष्य अंधकार में डूब जाए।लाखों किसानों के रोजगार और आशियाने पर संकट

प्रदर्शनकारियों के अनुसार, लगभग १३ गांवों की भूमि के अधिग्रहण की योजना से लाखों किसान और उनके परिवार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। किसानों ने चिंता व्यक्त की है कि यदि उनकी जमीनें छीन ली गईं, तो वे रोटी, मकान और अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह से मोहताज हो जाएंगे।आंदोलन की नई रणनीति: खेतों में लगेंगे ‘चेतावनी बोर्ड’

सरकार और निजी कंपनियों के दबाव का मुकाबला करने के लिए किसानों ने एक अनोखी रणनीति तैयार की है। अब सभी प्रभावित किसान अपने-अपने खेतों में तख्तियां और चेतावनी बोर्ड लगाएंगे। इन बोर्डों पर स्पष्ट तौर पर लिखा होगा।सावधान यह निजी कृषि भूमि है।बिना अनुमति के प्रवेश और सर्वे करने की सख्त मनाही है।

किसानों का कहना है कि यह उनकी जमीन की सुरक्षा का एक शांतिपूर्ण लेकिन प्रभावी तरीका होगा।उद्योगपतियों का विकास और किसानों का विनाश मंजूर नहीं युवा किसान सुबेदार यादव

किसानों ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि इस अधिग्रहण नीति से केवल बड़े उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि इसके बदले में किसानों को विनाश की ओर धकेला जा रहा है। उन्होंने एकजुट होकर नारा दिया कि जमीन हमारी है, तो अधिकार भी हमारा है और वे अपनी जान दे देंगे लेकिन जमीन नहीं देंगे। प्रदर्शन में युवाओं के साथ-साथ छोटे बच्चों ने भी हिस्सा लिया, जिन्हें किसानों ने ‘देश का भविष्य’ बताते हुए उनके अधिकारों की रक्षा की मांग की।

लेखक के बारे में

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

मौसम अपडेट

राशिफल

0
Would love your thoughts, please comment.x
()
x