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65 किसानों ने की 45 एकड़ भूमि पूलिंग, वीडीए की नीति से बढ़ी किसानों की उम्मीदें 

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वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्ट 

वाराणसी — वीडीए की लैंड पूलिंग नीति वाराणसी के शहरी विकास को नई दिशा दे रही है। इस नीति के जरिए किसानों को सिर्फ मुआवजा नहीं बल्कि शहर के विकास का सीधा भागीदार बनाया जा रहा है। आनंद काशी (कल्लीपुर), रूद्र विहार (मढ़नी) और स्पोर्ट्स सिटी (गंजारी) जैसी महत्वाकांक्षी टाउनशिप परियोजनाएं इसी मॉडल पर विकसित की जा रही है।भूमि पूलिंग नीति के तहत 10 एकड़ से कम भूमि देने वाले किसानों को विकसित भूमि 30 प्रतिशत और 10 एकड़ से अधिक भूमि देने वालों को 50% विकसित भूमि वापस दी जाती है। इससे किसानों की कृषि भूमि का भू-उपयोग स्वत: आवासीय में बदल जाता है और उनके जमीन की कीमत कई गुना बढ़ जाती है। अब तक 65 किसानों ने वीडीए के साथ 45 एकड़ भूमि पूल की है। इनमें कल्लीपुर की आनंद काशी परियोजना में 32 किसानों ने 27 एकड़ भूमि,मढ़नी स्थित रूद्र बिहार में 33 किसानों ने 18 एकड़ भूमि दी है। वीडीए के अनुसार कल्लीपुर और मढ़नी क्षेत्र में अधिकांश भूमि क्रय प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 300 एकड़ से अधिक भूमि परियोजनाओं के लिए सुरक्षित की जा चुकी है। फिलहाल इन परियोजनाओं के लिए रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (रेरा) पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। वीडीए का दावा है कि अगले छ: से 08 महिनों में आधारभूत संरचना विकास कार्य का पूरा कर किसानों को उनकी विकसित भूमि वापस कर दी जाएगी। इसमें सड़क, जल निकासी, बिजली, पार्क और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। इस नीति का उद्देश्य किसानों को केवल मुआवजा लेने वाला नहीं बल्कि शहर के विकास का सक्रिय भागीदार बनाना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर भी पैदा होंगे

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