शिवपूजन कुमार की रिपोर्ट
स्थान: पिंडरा तहसील एवं राजातालाब तहसील, वाराणसीआज 6 जून 2026 को वाराणसी जिले की दोनों तहसीलों — पिंडरा एवं राजातालाब में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस पर विमुक्त एवं अर्द्ध-घुमन्तू (DNT) मुसहर और नट समुदाय के 100 से अधिक परिवारों ने अपनी दशकों पुरानी समस्याओं को लेकर सामूहिक आवेदन प्रस्तुत किए और प्रशासन से उचित कार्रवाई की गुहार लगाई।
पिंडरा तहसील में फत्तुपुर मुसहर बस्ती, दल्लीपुर मुसहर बस्ती, बेलवा नट बस्ती एवं बेलवा मुसहर बस्ती के निवासी बड़ी संख्या में उपस्थित हुए। आवेदकों में अटवारी, रेखा, संगीता, सविता, शीला, प्रभावती, संजू, हिरावती सहित अनेक महिलाएं एवं परिवार शामिल रहे।
राजातालाब तहसील में करधना मुसहर बस्ती, जोगापुर मुसहर बस्ती, शिवरामपुर मुसहर बस्ती एवं खालिसपुर मुसहर बस्ती के लगभग 80 परिवारों ने आवेदन दिया।
सभी आवेदकों ने एकस्वर में कहा कि उनके समुदाय के पास न स्थायी आवास है, न भूमि का कोई अधिकार-पत्र ( घरौनी ) और न ही कृषि योग्य भूमि इस कारण वे प्रधानमंत्री आवास योजना, घरौनी प्रमाण पत्र, राशन कार्ड एवं अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं।
पिंडरा तहसील प्रशासन की ओर से आज आश्वासन दिया गया कि दिनांक 12 जून 2026 को कठिराव पंचायत भवन पर एक जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें समुदाय के सभी लोगों से उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।
संगठन ने इस आश्वासन को एक सकारात्मक कदम बताते हुए कहा कि वे 12 जून को पूरी तैयारी के साथ जनसुनवाई में उपस्थित होंगे और अपनी सभी मांगों का पूरा दस्तावेज़ प्रशासन के समक्ष रखेंगे। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि इस बार केवल आश्वासन नहीं, ठोस कार्रवाई की अपेक्षा है।
राजातालाब तहसील: वही पुराना जवाब —
राजातालाब तहसील में इस बार भी समुदाय को कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। अधिकारियों ने हमेशा की तरह केवल “देखेंगे” कहकर मामले को टाल दिया। संगठन ने इस रवैये पर गहरी नाराज़गी जताई और कहा
“राजातालाब तहसील में दर्जनों बार आवेदन दिए जा चुके हैं, हर बार यही जवाब मिलता है — ‘देखेंगे’। यह ‘देखेंगे’ कब ‘करेंगे’ में बदलेगा? समुदाय अब और इंतजार करने की स्थिति में नहीं है।”
नट समुदाय संघर्ष समिति बेलवा के संयोजक प्रेम नट ने कहा — “हम बार-बार तहसील दिवस पर आते हैं, हजारों आवेदन दे चुके हैं, लेकिन आज तक एक भी पात्र परिवार को न घरौनी मिली, न भूमि का पट्टा और न ही पक्का आवास। प्रशासन का रवैया निराशाजनक है।”
समुदाय की प्रमुख मांगें:
सभी पात्र परिवारों को तत्काल घरौनी प्रमाण पत्र दिया जाएभूमिहीन परिवारों को आवासीय एवं कृषि भूमि का पट्टा आवंटित किया जाए प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का मकान दिया जाए बस्तियों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएसंगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि शीघ्र ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो जिलाधिकारी महोदय के समक्ष उपस्थित होकर अपनी मांगें रखी जाएंगी और शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।