दिव्य प्रकाश गुप्ता की रिपोर्टवाराणसी। मडुआडीह थाना क्षेत्र के शिवदासपुर (नई बस्ती) में चिकित्सा व्यवस्था से खिलवाड़ और अवैध रूप से अस्पताल चलाने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि श्रेयांश हॉस्पिटल में कार्यरत मयंक यादव नामक व्यक्ति अपने शिवदासपुर स्थित निजी आवास पर ‘मयंक मेडिकल’ के आड़ में बीते कई सालों से गैर-कानूनी तरीके से अस्पताल का संचालन कर रहा है। बिना किसी आपातकालीन या वैकल्पिक चिकित्सा सुविधा के, घर के भीतर ही मरीजों को भर्ती कर उनका इलाज किया जा रहा था।
मामला उस वक्त गरमा गया जब मयंक यादव द्वारा सुबह से भर्ती किए गए एक मरीज की हालत अचानक बेहद गंभीर हो गई। मरीज की स्थिति बिगड़ते देख परिजनों के बीच अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में मरीज को अन्यत्र शिफ्ट करना पड़ा। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।
भोले-भाले मरीजों से खिलवाड़, बिना सुविधाओं के चल रहा था इलाज
यह घटना स्वास्थ्य तंत्र और स्थानीय निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है। किसी मान्यता प्राप्त अस्पताल में काम करने की आड़ में इस तरह घर पर ही अवैध क्लीनिक/अस्पताल चलाना और गरीब व भोले-भाले मरीजों को सस्ते इलाज का लालच देकर भर्ती करना सीधे तौर पर जान से खिलवाड़ है। आपातकालीन उपकरणों, जीवन रक्षक दवाओं और बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव में किए जा रहे ऐसे इलाज से कई बार मरीजों की जान पर बन आती है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर टिकी नजरें
स्थानीय निवासियों का कहना है कि क्षेत्र में इस तरह के झोलाछाप और फर्जी अस्पतालों पर नकेल कसना बेहद जरूरी है। इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग (सीएमओ वाराणसी) की ओर से जांच व आधिकारिक बयान दर्ज किया जाना बाकी है। देखना होगा कि विभाग इस तरह के फर्जीवाड़ा करने वाले संचालकों पर क्या सख्त कार्रवाई करता है।