जमानियां सलीम मंसूरी की रिपोर्ट। कर्मनाशा नदी के बढ़े जलस्तर के कारण चंदौली और गाजीपुर जिलों के निचले इलाकों सहित (गायघाट) क्षेत्रों में बाढ़ की गंभीर स्थिति बनी हुई है। जिसकी प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण किया जा रहा है। क्षेत्र में हो रही लगातार भारी बारिश और मूसाखांड बांध से करीब 30 से 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण नदी खतरे के निशान से ऊपर उफान पर बह रही है। जिसके बाद विकास खंड अधिकारी महेंद्र प्रसाद सिंह यादव, दिग्विजय कुमार, सचिव लव कुमार, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुशवाहा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में औचक निरीक्षण निरीक्षण किया। इस दौरान विकास खंड अधिकारी ने तत्काल स्कूल तक पानी पहुंचने को लेकर पंचायत भवन में क्लास को शिप्ट कराया। उन्होंने कहा कि पठन पाठन बाधित ना हो इसके लिए पंचायत भवन में शिप्ट कराया गया। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित गांवों का औचक निरीक्षण किया गया। है। ग्रामीणों को चौबीसों घंटे सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। महेंद्र प्रसाद सिंह यादव ने कहा कि बाढ़ चौकियों की सक्रियता से कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जमीनी हालात और प्रभाव आवागमन पूरी तरह से ठप हो चुकी है। बतायावजा रहा है। कि बढ़े जलस्तर के कारण ‘गायघाट के आसपास के निचले इलाकों में खतरा बढ़ गया है। और कई घरों के सामने तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। सैकड़ों एकड़ में लगी धान और अन्य सब्जियां जलमग्न हो गई हैं। जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। जिसके लिए राहत और बचाव कार्य ब्लाक स्तर पर आवश्यकता पड़ने पर तत्काल नावों की व्यवस्था और राहत सामग्री (खाद्य पैकेट व पेयजल) वितरण के निर्देश दिए गए हैं।