वरिष्ठ पत्रकार राजेंद्र गुप्ता की रिपोर्टवाराणसी — डिजिटल युग में जहां साइबर अपराध तेजी से बढ़ता जा रहा है, वही वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस अपनी तत्परता से जालसाजों के मंसूबे पर पानी फेर दे रही है। ठीक उसी प्रकार रामनगर पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क की सक्रियता के चलते एक युवक को उसके 97,250/ वापस मिल गए। अपनी गाढ़ी कमाई का रूपया वापस पाकर पीड़ित ने रामनगर पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामनगर थाना क्षेत्र के निवासी विकास यादव 01 जुलाई 26 को साइबर जालसाजी का शिकार हो गए। साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते से 97,250/ उड़ा ,लिए। जैसे ही विकास को पैसा कटने का पता चला उन्होंने बिना देरी किए तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज कराई। समय पर की गई इस सूझबूझ और समझदारी से पीड़ित की ठगी गयी पूरी रकम बैंक स्तर पर ही होल्ड हो गयी। पैसा होल्ड होने के उपरांत पीड़ित विकास यादव ने रामनगर थाने पहुंचकर प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार मिश्र से मुलाकात की और अपनी पूरी समस्या बताई।मामले को गंभीरता से समझते हुए प्रभारी निरीक्षक संजय मिश्र की साइबर हेल्प डेस्क टीम को मामले में लगाया। जिस पर पुलिस टीम ने पीड़ित की सहायता करते हुए कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया। रामनगर पुलिस की कुशल और त्वरित पैरवी के परिणाम स्वरुप पीड़ित के खाते से कटे पूरे 97,250/ सफलतापूर्वक उनके बैंक खाते में वापस आ गए। ठगी गई रकम पाकर विकास यादव का खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने इस सराहनीय कार्य और त्वरित मदद के लिए प्रभारी निरीक्षक व उनकी साइबर पुलिस टीम की प्रशंसा करते हुए रामनगर पुलिस को धन्यवाद देते हुए आभार व्यक्त किया।इस मौके पर प्रभारी निरीक्षक रामनगर संजय कुमार मिश्र ने आम जनमानत से अपील किया कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर घबरायें नहीं बल्कि तत्काल 1930 पर कॉल करें। शुरुआती गोल्डन ऑवर में की गई शिकायत से पैसे वापस मिलने की संभावना काफी अधिक होती है। जैसा कि विकास यादव के मामले में साबित हुआ।