रेलवे स्टेशन बाईपास जमानियां पर ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग स्थानीय निवासियों और राहगीरों द्वारा लंबे समय से की जा रही हैजमानियां। रेलवे स्टेशन बाईपास फाटक जमानियां पर ओवर ब्रिज के निर्माण की मांग स्थानीय निवासियों और राहगीरों द्वारा लंबे समय से की जा रही है। क्योंकि रेलवे फाटक पर जाम, दुर्घटनाओं और गंभीर मरीजों को बनारस ले जाने में हो रही दिक्कतों के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। हालांकि बजट स्वीकृति के बाद भी निर्माण अब तक शुरू नहीं हो सका है। शांति एकता कमेटी के सरपरस्त नेसार खान वारसी, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार के नगराध्यक्ष इजहार खान, व्यापार मंडल के जिला युवा उपाध्यक्ष मुन्ना गुप्ता, अमन खान गांधी, असलम पान वाले, नेहाल खान, वीरेंद्र कुमार, अधिवक्ता इमरान नियाजी, उपेंद्र सिंह, संसार सिंह, राजिंदर सिंह, जहांगीर खान, तनवीर रजा सिद्दीकी, धनंजय कुमार मौर्य आदि लोगों ने बताया कि रेलवे स्टेशन बाईपास जमानियां पर लंबे समय से ओवर ब्रिज की मांग की जा रही है। और इसकी आवश्यकता और स्थानीय लोगों के साथ राहगीरों के लिए जटिल समस्याएं का सामना करना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि यातायात की समस्या बाईपास रेलवे फाटक पर ट्रेनों के कारण फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लगती हैं। जिससे जाम की स्थिति उत्पन्न होती है। इसके साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। क्रासिंग पर आए दिन ट्रेन हादसों की आशंका बनी रहती है। उन्होंने बताया कि मंगलवार के दिन धान से लदी ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ रेलवे ट्रैक पर पलट जाने से काफी नुकसान हुआ। गलीमत रहा कि किसी तरह की कोई अनहोनी घटनाएं नहीं हुई। किसी दल पार्टी के नेता चुनाव के समय विकास कराने के लिए लंबी लंबी वादे करते है। लेकिन चुनाव जीतने के बाद सारे वादे ताख पर देते है। जिससे और भी समस्याएं गंभीर हो जाते है। बताया जा रहा है। कि स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें जैसे गंभीर मरीजों को वाराणसी (बनारस) अस्पताल ले जाने में रेलवे फाटक पर भीषण जाम के कारण काफी परेशानी होती है। अगर बाईपास फाटक पर ओवर ब्रिज का निर्माण हुआ होता। तो स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों और राहगीरों को यातायात में काफी सुविधा मिलता। लेकिन अधिकारियों की उदासीनता के कारण ओवर ब्रिज का निर्माण नहीं हो रहा है। जबकि स्थानीय लोगों के विरोध और नेताओं के आश्वासन के बावजूद रेलवे और एनएचएआई (NHAI) अधिकारियों द्वारा निर्माण में देरी हो रही है। बता दें किनिर्माण में देरी का इतिहास रेल मंत्रालय के निर्देश और केंद्र सरकार से लगभग ₹50 करोड़ का बजट मंजूर होने के 9 साल बाद भी लापरवाही के चलते निर्माण शुरू नहीं हो सका है। वर्तमान स्थिति जमानियां रेलवे बाईपास पर ओवर ब्रिज निर्माण की मांग दिसंबर 2024 और अक्टूबर 2024 की खबरों में भी प्रमुखता से उठाई गई है। जिससे पता चलता है कि यह मुद्दा अभी भी अनसुलझा है। सलीम मंसूरी की रिपोर्ट जमानिया